नीट मुद्दे पर रास में गतिरोध जारी : सरकार चर्चा के लिए तैयार, विपक्ष प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा

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नीट मुद्दे पर रास में गतिरोध जारी : सरकार चर्चा के लिए तैयार, विपक्ष प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा

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  • Publish Date - July 22, 2026 / 03:53 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 03:53 PM IST

( तस्वीरों सहित )

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को भी ‘नीट’ प्रश्नपत्र लीक मामले और इसके विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गतिरोध कायम रहा। सरकार ने कहा कि वह ‘नीट’ प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है वहीं विपक्ष इस चर्चा को नियम 267 के तहत कराने की मांग पर अड़ा रहा।

विपक्ष ने यह भी कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही इस विषय पर चर्चा हो सकती है। इस मुद्दे पर हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार बाधित होने के बाद अपराह्न तीन बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे उच्च सदन की बैठक शुरु होने के बाद नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।

इस बीच आसन की अनुमति से संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा ‘‘कांग्रेस ने चर्चा की मांग की थी। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अब विपक्षी कांग्रेस के सदस्य शर्त रख कर चर्चा टालने की कोशिश कर रहे हैं।’’

उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा ‘‘आपने कहा है कि नियम 267 का उपयोग दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों में किया जाता है। जो घटना हुई है, उससे अधिक दुर्लभ से दुर्लभतम मामला भला और क्या हो सकता है? बच्चों पर बल प्रयोग किया गया है।’’

इसी दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तेज कर दिया और उपसभापति हरिवंश ने सदन में व्यवस्था बनते न देख बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

हंगामे की वजह से आज भी उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया।

इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे जब सदन की बैठक शुरू हुई तो सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सिक्किम में तीस्ता नदी पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएचपीसी की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में 20 लोगों की मौत का जिक्र किया। सदस्यों ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में कुछ क्षण का मौन रखा।

राधाकृष्णन ने स्वदेश में विकसित एवं हाइड्रोजन ईंधन से संचालित पहली रेलगाड़ी के परिचालन शुरू होने की भी जानकारी सदन को दी और इसे स्वच्छ, टिकाऊ तथा तकनीकी रूप से उन्नत रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि सदन इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और रेल अधिकारियों को बधाई देता है।

इसके बाद सभापति ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए।

इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने अपने-अपने मुद्दे उठाने चाहे। सभापति ने दस्तावेज पटल पर रखवाने के बाद विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति दी।

खरगे ने ‘नीट’ परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उनकी बात शुरु होते ही सत्तापक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। इसके जवाब में विपक्षी सदस्यों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी।

खरगे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। उन्होंने कहा कि सोमवार को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई से उन्हें ‘‘बेहद पीड़ा’’ हुई है।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के अधिकतर सांसद काली शर्ट और काला कुर्ता पहनकर सदन पहुंचे। खरगे की बांह पर काले रंग की पट्टी बंधी थी।

हंगामे के बीच सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एक बार के स्थगन के बाद जब बैठक बारह बजे पुन: शुरू हुई तब उप सभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा। लेकिन विपक्षी सदस्य प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में हंगामा करने लगे।

हरिवंश ने सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा ‘‘यह प्रश्नकाल है। आजादी के 50 साल पूरे होने पर सदन में यह संकल्प लिया गया था कि किसी भी हालत में प्रश्नकाल और शून्यकाल चलाया जाएगा। अगर सदन अपनी बात पर कायम नहीं रहता तो जनता के बीच क्या संदेश जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि सवालों के जवाब तैयार करने में कितना समय और जनता का धन लगता है, इस बात को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने अपील की, ‘‘कृपया प्रश्नकाल चलने दें।’’

अपनी बात का असर न होते देख हरिवंश ने एक मिनट के भीतर ही बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।

दो बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन विपक्षी सदस्य छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर हंगामा करने लगे।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक सहित हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और आसन की व्यवस्था मिलने पर चर्चा की जाएगी।

सदन के नेता जे पी नड्डा ने विपक्षी सदस्यों के आचरण की निंदा करते हुए कहा कि सरकार हर अहम मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्षी सदस्य नियम 267 के तहत चर्चा चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा तब तक संभव नहीं है जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते।

उपसभापति हरिवंश ने कहा कि पिछले चार दशकों में राज्यसभा में नियम 267 का इस्तेमाल दुर्लभतम मामलों में हुआ है।

द्रमुक सदस्य तिरुचि शिवा ने सवाल किया कि दुर्लभतम मामला क्या होता है? उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है, वह दुर्लभतम ही है।

इस दौरान सदन में हंगामा तेज हो गया और हरिवंश ने बैठक अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे बैठक शुरु होने पर भी सदन में विपक्षी सदस्यों का नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा जारी रहा।

इस बीच आसन की अनुमति से संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा ‘‘कांग्रेस ने चर्चा की मांग की थी। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अब विपक्षी कांग्रेस के सदस्य शर्त रख कर चर्चा टालने की कोशिश कर रहे हैं।’’

नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा ‘‘आपने कहा है कि नियम 267 का उपयोग दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों में किया जाता है। जो घटना हुई है, उससे अधिक दुर्लभ से दुर्लभतम मामला भला और क्या हो सकता है ? बच्चों पर बल प्रयोग किया गया है।’’

इसी दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तेज कर दिया और उपसभापति हरिवंश ने सदन में व्यवस्था बनते न देख बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।

राज्यसभा की कार्यवाही संचालन संबंधी नियम 267 के तहत, सभापति की अनुमति से कोई सदस्य अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित के किसी विषय पर चर्चा के लिए सदन की निर्धारित कार्यवाही स्थगित करने का अनुरोध कर सकता है।

भाषा मनीषा माधव अविनाश

अविनाश