जयपुर, 28 अगस्त (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में मानसून की कमजोर बारिश पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी करने की मांग की है।
गहलोत के अनुसार राज्य के अनेक भागों में सूखे जैसे हालात हैं।
एक बयान में उन्होंने कहा कि सावन बीतने के साथ ही राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ गया है और भादों में भी बारिश की उम्मीद क्षीण नजर आ रही है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं।
गहलोत के अनुसार पाली, जालोर, बांसवाड़ा, जैसलमेर और उदयपुर जैसे जिलों में सामान्य से 40 से 55 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है, जो बेहद चिंताजनक है।
अपनी गत सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार से भी इस तरह के कदम उठाने की मांग की है। गहलोत ने कहा कि हमारी गत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इंदिरा रसोई और मनरेगा जैसी योजनाएं संकट के समय गरीब, किसान और मजदूर वर्ग का सबसे बड़ा सहारा बनी थीं।
उन्होंने कहा, ‘सूखे जैसी स्थिति में सबसे अधिक नुकसान किसानों और श्रमिकों को उठाना पड़ता है, इसलिए राज्य सरकार को अभी से सतर्क होकर खाद्यान्न भंडारण बढ़ाने, पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और रोजगार के लिए मनरेगा व शहरी रोजगार गारंटी योजना को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। पशु चारे की उपलब्धता पर भी अभी से ध्यान देना जरूरी है।’
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबंधित विभागों की समीक्षा कर समय रहते तैयारी की जाए, ताकि आने वाले दिनों में आमजन को संकट का सामना न करना पड़े।
भाषा पृथ्वी
रंजन
रंजन