राज्यों को शहरी जल आपूर्ति की कमियों का आकलन करने को कहा गया: समिति को बताया गया

राज्यों को शहरी जल आपूर्ति की कमियों का आकलन करने को कहा गया: समिति को बताया गया

राज्यों को शहरी जल आपूर्ति की कमियों का आकलन करने को कहा गया: समिति को बताया गया
Modified Date: August 11, 2026 / 01:32 pm IST
Published Date: August 11, 2026 1:32 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक संसदीय समिति को बताया है कि राज्यों से शहरों में पाइप से पानी की आपूर्ति में मौजूदा ढांचे की कमियों का आकलन करने और भविष्य की मांग के अनुमानों के आधार पर परियोजना प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है।

मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी की अध्यक्षता वाली आवास और शहरी मामलों की स्थायी समिति ने सातवीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में लोकसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की।

समिति की सिफारिश के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि परियोजना के प्रस्ताव तैयार करते समय राज्यों को जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार जैसे कारकों को ध्यान में रखना चाहिए।

मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय लोक स्वास्थ्य और पर्यावरण आभियांत्रिकी संगठन के मैनुअल में बताए गए तकनीकी नियमों और योजना मानदंडों के अनुसार ‘सैचुरेशन प्लान’ तैयार किए जाने चाहिए।

मंत्रालय ने कहा कि ये मैनुअल मौजूदा और भविष्य की पानी की मांग का अनुमान लगाने और उसी के अनुसार अवसंरचना डिजाइन करने के लिए मानक तरीके बताते हैं।

समिति की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि इस तरीके से राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों से उम्मीद की जाती है कि वे व्यवस्थित रूप से मांग का आकलन करें और ढांचे में निवेश की योजना बनाएं जो लंबे समय के शहरी विकास और सेवा अदायगी की जरूरतों के अनुरूप हो।

इसमें बताया गया है कि शहरों में पाइप से पानी की आपूर्ति में कमियों को दूर करने और अवसंरचना बनाने के लिए जरूरी निवेश का आकलन करने के वास्ते अमृत 2.0 प्लेटफॉर्म पर एक सुविधा विकसित की गई है।

समिति ने मंत्रालय की इस पहल की सराहना की।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में