उद्घाटन के बाद ही क्यों होता है वंदे भारत ट्रेन में पथराव? इस बार अयोध्या में बाप बेटे ने बरसाए पत्थर

Vande Bharat Train Damages: ट्रेन में CCTV लगे हैं, उसकी फुटेज निकलवाई जा रही है। जांच में इससे मदद मिलेगी। आपको बता दें कि इसके पहले भी वंदे मातरम एक्सप्रेस पर कई बार पथराव हुआ है।

उद्घाटन के बाद ही क्यों होता है वंदे भारत ट्रेन में पथराव? इस बार अयोध्या में बाप बेटे ने बरसाए पत्थर

Vande Bharat Train Damages

Modified Date: July 11, 2023 / 04:23 pm IST
Published Date: July 11, 2023 4:22 pm IST

Vande Bharat Train Damages:  अयोध्या। गोरखपुर से लखनऊ आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया। ट्रेन की 4 बोगियों के कई शीशे टूट गए हैं। हालांकि, इसमें किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है। उपद्रवियों ने अयोध्या के सोहावल स्टेशन के पास पथराव किया। बता दें कि 3 दिन पहले यानी 7 जुलाई को ट्रेन को पीएम मोदी ने ट्रेन को गोरखपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

SSP अयोध्या ने बताया कि 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ये लोग बकरी चराने वाले हैं। उनकी 6 बकरियां वंदे भारत ट्रेन से कट गई थीं। इसी आवेश में उन्होंने ट्रेन पर पत्थर फेंके। नॉर्दर्न रेलवे के अधिकारी ने बताया कि ट्रेन पर पत्थरबाजी हुई है। ट्रेन में CCTV लगे हैं, उसकी फुटेज निकलवाई जा रही है। जांच में इससे मदद मिलेगी। आपको बता दें कि इसके पहले भी वंदे मातरम एक्सप्रेस पर कई बार पथराव हुआ है।

बेंगलुरु-धारवाड़ वंदे भारत ट्रेन पर पथराव

Vande Bharat Train Damages: भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी वंदे भारत ट्रेन पर एक बार फिर से पथराव हुआ। यह घटना कर्नाटक के चिकमंगलुरू जिले में कादुर-बिरूर सेक्शन में हाल ही में शुरू की गई बेंगलुरु-धारवाड़ वंदे भारत की है, जिस पर भारत एक्सप्रेस पर असामाजिक तत्वों ने बुधवार (5 जुलाई) की सुबह पथराव किया गया। सुबह करीब 08 बजकर 40 मिनट पर वंदे भारत जब कादुर-बिरूर सेक्शन से केएम 207/500 के पास यह घटना हुई। पथराव की वजह से सी5 कोच की सीट संख्या 43-44 पर और ईसी-1 के शीशे पर लगा। इस घटना की वजह से बाहरी शीशा टूट गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु-धारवाड़ वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को 27 जून को हरी झंडी दिखाई थी।

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पत्थरबाजी की घटना देवनगिरी रेलवे स्टेशन के पास हुई

इससे पहले 01 जुलाई को भी इसी ट्रेन को निशाना बनाया गया था, जिसमें ट्रेन की खिड़की के शीशों को हल्का नुकसान हुआ था, पत्थरबाजी की घटना देवनगिरी रेलवे स्टेशन के पास हुई थी, इस मामले में भी अभी आरपीएफ जांच कर रही है। इससे पहले उत्तराखंड में दिल्ली से देहरादून जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर 18-19 जून की रात को पत्थर फेंके गए थे। ये पत्थर मेरठ-मुजफ्फरनगर रेलवे ट्रैक के नारा जडोदा रेलवे स्टेशन से गुजरते समय फेंके गए, इस पथराव के बाद ट्रेन के शीशों पर गंभीर निशान पड़ गए।

मैसूर चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंका गया

वंदे भारत पर पत्थर फेंकने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 26 फरवरी को मैसूर चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंका गया था। आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में भी वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था। 19 जून को केरल में भी वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई थी। ट्रेन के E1 कोच पर पथराव किया गया था। यह ट्रेन दिल्ली से देहरादून जा रही थी।

ट्रेन आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में निशाना बनी

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर एक बार फिर पथराव हुआ, इस बार ट्रेन आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में निशाना बनी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जनवरी को इस ट्रेन का उद्घाटन करने वाले थे, वंदे भारत सीरीज की यह ट्रेन सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम के बीच चलने वाली है, ट्रेन पर पत्थरबाजी तब हुई जब विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन से मरीपलेम में कोच मेंटनेंस सेंटर जा रही थी।

4 दिन पहले ही पीएम ने दिखाई थी हरी झंडी

पश्चिम बंगाल में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव किया गया। 2 जनवरी को हुई इस घटना में वंदे भारत के ट्रेन की खिड़की के शीशे टूट गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिन पहले ही पश्चिम बंगाल में वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। पीएम मोदी अपनी मां हीरा बेन को 30 दिसंबर को मुखाग्नि देने के बाद पश्चिम बंगाल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात दी थी। इस ट्रेन को 1 जनवरी से चलाया गया था। वंदे भारत ट्रेन पर हमला मालदा स्टेशन के आसपास हुआ। वंदे भारत ट्रेन जलपाईगुड़ी से चलकर हावड़ा आ रही थी। ट्रेन जैसे ही मालदा जिले के कुमारगंज पहुंची तो कुछ उपद्रवियों ने वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी कर दी। जिसकी वजह से ट्रेन के C-13 कोच में लगा शीशा टूट गया।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com