छात्र की मौत का मामला: केरल में राज्यव्यापी हड़ताल के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त
छात्र की मौत का मामला: केरल में राज्यव्यापी हड़ताल के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त
तिरुवनंतपुरम, 28 अप्रैल (भाषा) केरल में कन्नूर डेंटल कॉलेज के छात्र नितिन राज की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर विभिन्न दलित संगठनों द्वारा आहूत राज्यव्यापी हड़ताल का असर मंगलवार को पूरे राज्य में देखा गया।
राज्य के कई हिस्सों में दलित संगठनों के समर्थकों द्वारा वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध किए जाने से जनजीवन प्रभावित हो गया।
विभिन्न स्थानों पर हड़ताल समर्थकों द्वारा दुकानों को बंद करवाए जाने की घटनाएं भी सामने आईं।
राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम और कन्नूर समेत विभिन्न इलाकों में हड़ताल कर रहे लोगों ने वाहनों की आवाजाही रोक दी। हालांकि, दोपहिया वाहनों को आने-जाने दिया गया।
विभिन्न दलित संगठनों ने छात्र की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था।
यह हड़ताल मंगलवार सुबह छह बजे से शुरू हुई और शाम छह बजे तक जारी रहेगी।
‘जस्टिस फॉर नितिन राज एक्शन काउंसिल’ समेत 52 दलित संगठनों ने इस हड़ताल का आह्वान किया है।
प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्य सड़कों को अवरुद्ध करने और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) तथा निजी बस सेवाओं का संचालन बाधित किए जाने के कारण राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों और हड़ताल की वजह से परेशान यात्रियों के बीच तीखी झड़पें भी हुईं।
‘वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम’ (वीआईटीईईई) में हिस्सा लेने वाले छात्र और अस्पतालों की ओर जा रहे लोग भी यातायात बाधित होने से फंस गए।
कझाकूटम से कनियापुरम तक राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से पर यातायात बाधित की सूचना मिली। सड़क अवरुद्ध होने के कारण कई छात्र फंस गए और अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ रहे।
यद्यपि आयोजकों ने शुरू में कहा था कि वे वाहनों को जबरन नहीं रोकेंगे और आवश्यक सेवाओं को छूट देंगे, लेकिन राज्य भर से मिली खबरों में व्यापक नाकेबंदी, दुकानों को जबरन बंद कराने जैसी घटनाएं सामने आईं, जबकि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
कन्नूर जिले के अंचराकांडी स्थित एक निजी डेंटल कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष का छात्र नितिन राज 10 अप्रैल को एक इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी बाद में मौत हो गयी।
बंद का समर्थन कर रहे संगठनों में शामिल केरल पिन्नोका समुदाय मुन्नानी (केपीएसएम) ने एक बयान में आरोप लगाया कि पुलिस जांच में उदासीनता बरत रही है और आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
भाषा यासिर सुरेश
सुरेश

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