जम्मू-कश्मीर के छात्रों को विवि के आश्वासन के बावजूद प्रवेश नहीं, रास में नेकां सांसद ने जताई चिंता

जम्मू-कश्मीर के छात्रों को विवि के आश्वासन के बावजूद प्रवेश नहीं, रास में नेकां सांसद ने जताई चिंता

जम्मू-कश्मीर के छात्रों को विवि के आश्वासन के बावजूद प्रवेश नहीं, रास में नेकां सांसद ने जताई चिंता
Modified Date: February 13, 2026 / 01:37 pm IST
Published Date: February 13, 2026 1:37 pm IST

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) राज्यसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य सज्जाद अहमद किचलू ने शुक्रवार को जम्मू और कश्मीर के छात्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान के एक विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश देने की प्रतिबद्धता पूरी न किए जाने के कारण इन छात्रों का भविष्य अधर में है।

किचलू ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जम्मू के कई छात्रों ने राजस्थान स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें प्रवेश दिलाने का आश्वासन दिया था।

उन्होंने कहा, “जम्मू के कई छात्रों ने राजस्थान स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में आवेदन किया। इनमें से 82 छात्रों ने नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि उन्हें बीएससी नर्सिंग में प्रवेश मिलेगा, लेकिन अभी तक उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।”

किचलू ने आरोप लगाया कि जब छात्रों ने प्रवेश न दिए जाने का विरोध किया, तो 33 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा, “अगर हमारे छात्र पढ़ना चाहते हैं, शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, तो उनके साथ ऐसा क्या हो रहा है? मैं मांग करता हूँ कि जांच की जाए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।”

उन्होंने श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज का भी मामला उठाया और दावा किया कि मेरिट के आधार पर चयनित 50 छात्र कॉलेज बंद होने के कारण प्रभावित हुए हैं।

किचलू ने कहा, “छात्रों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ था और अब कॉलेज बंद हो गया है। इन छात्रों का भविष्य खतरे में है। मेरी यह अपील है कि उन्हें अन्य कॉलेजों में प्रवेश दिलाया जाए।”

उन्होंने छात्रों के शैक्षणिक भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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