देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर, ई20नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही: खरगे

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देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर, ई20नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही: खरगे

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 11:59 AM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 11:59 AM IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने त्योहारों से पहले चीनी की कीमत में ‘‘बढ़ोतरी’’ और देश में चीनी का भंडार कथित तौर पर कम होने को लेकर केंद्र सरकार पर शनिवार को निशाना साधा और सवाल किया कि ऐसी स्थिति में भी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20) की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही।

खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह दावा भी किया कि देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है और 10 लाख टन चीनी का शुल्क-मुक्त आयात करने की नौबत आ गई है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी का शुल्क-मुक्त आयात करने तक कैसे पहुंच गई?’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तीन महीने में चीनी करीब 40 प्रतिशत महंगी हो गई है और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि त्योहारों से पहले जनता पर पड़ने वाली इस महंगाई की मार के लिए कौन जिम्मेदार है।

खरगे ने देश में चीनी की कथित कमी के बीच एथेनॉल नीति पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने पूछा कि जब सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20) के लिए गन्ने और अनाज को इस्तेमाल करने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ है?’’

खरगे ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘पहले चीनी का उत्पादन घटा, फिर भंडारण नौ साल के निचले स्तर पर पहुंचा, अब हम विदेश से चीनी आयात कर रहे हैं और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल में झोंक रहे हैं!’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने इन मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहारों के मौसम में चीनी की कीमतों में वृद्धि का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है।

भाषा हक रंजन सिम्मी

सिम्मी