आयुर्वेद चिकित्सकों को एलोपैथी चिकित्सकों के बराबर मानने का आदेश न्यायालय ने खारिज किया

आयुर्वेद चिकित्सकों को एलोपैथी चिकित्सकों के बराबर मानने का आदेश न्यायालय ने खारिज किया

आयुर्वेद चिकित्सकों को एलोपैथी चिकित्सकों के बराबर मानने का आदेश न्यायालय ने खारिज किया
Modified Date: April 26, 2023 / 11:36 pm IST
Published Date: April 26, 2023 11:36 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें कहा गया था कि सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले आयुर्वेद चिकित्सकों को एलोपैथी चिकित्सकों के बराबर माना जाना चाहिए और वे समान वेतन के हकदार हैं।

शीर्ष अदालत 2012 के गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि आयुर्वेद चिकित्सक एमबीबीएस डिग्री वाले चिकित्सकों के बराबर का दर्जा पाने के हकदार हैं।

आयुर्वेद चिकित्सकों के महत्व और चिकित्सा की वैकल्पिक या स्वदेशी प्रणालियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता को मान्यता प्रदान करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि वह इस तथ्य से बेखबर नहीं हो सकता है कि दोनों श्रेणियों के डॉक्टर निश्चित रूप से समान वेतन के हकदार होने के लिए समान कार्य नहीं कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने कहा कि एलोपैथी चिकित्सकों को आपातकालीन विभाग और ट्रॉमा केंद्र में ड्यूटी करने की आवश्यकता होती है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए जटिल सर्जरी करने वाले शल्य चिकित्सकों की सहायता करना भी संभव नहीं है, जबकि एमबीबीएस डिग्री वाले डॉक्टर यह काम कर सकते हैं।

भाषा प्रशांत सुरेश

सुरेश


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