नई दिल्ली। बहुचर्चित राफेल विमान की कीमत पर सच्चाई जानने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 10 दिन का समय दिया है। साथ ही कोर्ट ने सौदे की प्राइसिंग और स्ट्रैटेजिक डिटेल के अलावा भारतीय ऑफसेट पार्टनर्स की जानकारी भी मांगी है।
Supreme Court asks Central government to disclose information on #Rafale deal which can be legitimately put in public domain and information on induction of Indian offset partner be furnished to petitioners who have filed PILs https://t.co/XWMpffILGJ
— ANI (@ANI) October 31, 2018
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ज्ञात हो कि राफेल डील को लेकर केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि राफेल डील की सारी जानकारी न सिर्फ सुप्रीम कोर्ट बल्कि याचिकाकर्ताओं को भी दी जाए जिसके लिए कोर्ट ने दस दिन के अंदर सीलबंद लिफाफे में सारी जानकारी मांगी है।
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राफेल डील मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होनी है। अपने आदेश में कोर्ट ने यह भी कहा है कि मामले की सारी सूचनाएं वैध रूप से पब्लिक डोमेन में रखी जा सकती है। बता दें कि 27 अक्तूबर को केंद्र सरकार ने राफेल डील की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है. सरकार ने फ्रांस के साथ हुई इस डील की जानकारी सील्ड लिफाफे में कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को सौंपी है.
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राफेल लड़ाकू विमान सौदे का विवाद इसलिए गहराया है क्योकि मोदी ने सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से समझौता छीनकर मात्र 10 दिन पुरानी कंपनी को दे दिया गया है। और यह कम्पनी भी वह है जिसे विमान बनाने का कोई अनुभव नहीं है।
वेब डेस्क IBC24