राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगी प्राइसिंग और स्ट्रैटेजिक डिटेल

Ads

राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगी प्राइसिंग और स्ट्रैटेजिक डिटेल

  •  
  • Publish Date - October 31, 2018 / 10:44 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:12 PM IST

नई दिल्ली। बहुचर्चित राफेल विमान की कीमत पर सच्चाई जानने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 10 दिन का समय दिया है। साथ ही कोर्ट ने सौदे  की प्राइसिंग और स्ट्रैटेजिक डिटेल के अलावा भारतीय ऑफसेट पार्टनर्स की जानकारी भी मांगी है। 

 

ये भी पढ़ें –जानिए करोड़पति प्रत्याशियों को, हाथ में सजती 4 लाख की घड़ी, भावी माननीयों के शौक हैं नवाबी

ज्ञात हो कि राफेल डील को लेकर केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि  राफेल डील की  सारी जानकारी न सिर्फ सुप्रीम कोर्ट बल्कि याचिकाकर्ताओं को भी दी जाए जिसके लिए कोर्ट ने दस दिन के अंदर सीलबंद लिफाफे में सारी जानकारी मांगी है। 

ये भी पढ़ें –हमने ही शिवराज सरकार को बनाया है, अब हम ही गिराएंगे- कंप्यूटर बाबा

 राफेल डील मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होनी है। अपने आदेश में कोर्ट ने यह भी कहा है कि मामले की सारी सूचनाएं वैध रूप से पब्लिक डोमेन में रखी जा सकती है। बता दें कि 27 अक्‍तूबर को केंद्र सरकार ने राफेल डील की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है. सरकार ने फ्रांस के साथ हुई इस डील की जानकारी सील्ड लिफाफे में कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को सौंपी है.

 

ये भी पढ़ें –डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने एसबीआई ने घटाई एटीएम से कैश निकासी की सीमा

राफेल लड़ाकू विमान सौदे का विवाद इसलिए गहराया है क्योकि मोदी ने सरकारी कंपनी हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड  से समझौता  छीनकर मात्र  10 दिन पुरानी कंपनी को दे दिया गया है। और यह कम्पनी भी वह है  जिसे विमान बनाने का कोई अनुभव नहीं है। 

वेब डेस्क IBC24