सोशल मीडिया पर पत्रकार के खिलाफ पोस्ट के लिए न्यायालय ने तमिल अभिनेता व नेता शेखर को फटकारा
सोशल मीडिया पर पत्रकार के खिलाफ पोस्ट के लिए न्यायालय ने तमिल अभिनेता व नेता शेखर को फटकारा
नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एक पत्रकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अपमानजनक पोस्ट को लेकर शुक्रवार को तमिल अभिनेता व नेता एस. वी. शेखर की आलोचना की और कहा कि उन्होंने ‘एक महिला के खिलाफ घिनौना अभियान चलाया।’
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने उन्हें अगली सुनवाई तक आत्मसमर्पण से छूट प्रदान करते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकार के प्रति अपने आचरण के लिए कभी माफी नहीं मांगी।
पीठ ने कहा, “सबसे पहले, हम इस बात से हैरान हैं कि आप इस मामले को आगे बढ़ा रहे हैं। आपने एक महिला के खिलाफ बहुत ही घिनौना अभियान चलाया। आपने सीधे तौर पर उसकी गरिमा पर हमला किया, और वह भी इतने बेशर्मी और असंगत तरीके से।”
न्यायमूर्ति कांत ने अभिनेता की ओर से पेश हुए वकील बालाजी श्रीनिवासन से कहा कि हो सकता है कि अभिनेता अन्य महिलाओं को भी परेशान कर रहा हो, लेकिन इस बार उनका सामना एक पत्रकार संघ से हुआ है।
श्रीनिवासन ने कहा कि अभिनेता ने संदेश को बिना पढ़े ही ‘फॉरवर्ड’ कर दिया था और एक घंटे में उसे ‘डिलीट’ करके माफी मांगी थी।
हालांकि, न्यायमूर्ति कांत ने उच्च न्यायालय के आदेश में की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कभी माफी नहीं मांगी थी तथा केवल औपचारिकता के तौर पर बयान जारी किया था।
शेखर के वकील ने शिकायतकर्ता से संपर्क करने और बिना शर्त माफी स्वीकार करने के लिए राजी करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने आदेश पारित किया।
मामला 2018 में की गई शेखर की सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित है, जिसमें महिला पत्रकार के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी गई थी। एक पत्रकार संघ द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने शेखर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश

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