सूरत पुलिस ने ‘आप’ से ‘जुड़े’ हवाला गिरोह का भंडाफोड़ किया, कहा-निकाय चुनाव से पहले भेजी गई रकम
सूरत पुलिस ने ‘आप’ से 'जुड़े' हवाला गिरोह का भंडाफोड़ किया, कहा-निकाय चुनाव से पहले भेजी गई रकम
सूरत, 20 अप्रैल (भाषा) पुलिस ने सोमवार को दावा किया कि उसने एक अंतर-राज्यीय हवाला के जरिये सियासी वित्तपोषण के लिए धन मुहैया कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें कथित तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) के पदाधिकारी शामिल हैं। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों से पहले इस नेटवर्क के जरिए दिल्ली से सूरत तक 1.25 करोड़ रुपये एक ‘अंगड़िया’ (कूरियर) चैनल के माध्यम से भेजे गए थे।
आप की गुजरात इकाई ने पुलिस के दावे को खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार 26 अप्रैल को होने वाले निकाय चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी के खिलाफ साजिश रच रही है। इन निकाय चुनावों में 260 तालुका पंचायतें, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और अहमदाबाद तथा सूरत समेत 15 नगर निगम के चुनाव शामिल हैं। मतों की गिनती 28 अप्रैल को होगी।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) भावेश रोजिया ने बताया कि सूरत के उमरा थाने को सुबह एक गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली के जनकपुरी का रहने वाला ‘आप’ का एक पदाधिकारी (जिसकी पहचान हिमांशु पाहुजा के रूप में हुई है) हवाला (पैसे भेजने का एक गैर-कानूनी तरीका) के जरिए दक्षिण गुजरात के इस शहर में ‘बड़ी रकम’ भेज रहा है।
रोजिया ने पत्रकारों को बताया, ‘इस सूचना के आधार पर उमरा पुलिस ने आकाश मिश्रा (पाहुजा से जुड़े सूरत के एक निवासी) को तलब किया। अपराध शाखा की एक टीम भी उससे पूछताछ में शामिल हो गई।’
उन्होंने बताया कि मिश्रा से पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि पिछले पांच महीनों में पाहुजा ने कथित तौर पर सूरत में एक ‘अंगड़िया’ (पारंपरिक कूरियर प्रणाली) के जरिए पांच से छह लेन-देन किए और लगभग 1.25 करोड़ रुपये की रकम भेजी।
अधिकारी ने बताया, ‘मिली जानकारी के आधार पर एक अंगड़िया कंपनी की पहचान की गई है और इस बात की प्रबल संभावना है कि पैसा दूसरों के माध्यम से भी भेजा गया था। जानकारी के अनुसार, इस पैसे का इस्तेमाल आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए किया जाना था।’
रोजिया ने कहा कि मिश्रा से पूछताछ की जा रही है और जांच के दौरान कई अन्य नाम भी सामने आए हैं।
डीसीपी ने कहा, ‘‘इस चैनल से जुड़े कई और नाम सामने आए हैं और उन सभी से पूछताछ की जाएगी। इस पूरे गिरोह में आठ से 10 लोगों के नाम सामने आए हैं और उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने यह भी बताया कि इस गिरोह के बारे में आयकर विभाग को भी सूचित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, अजय तिवारी नामक एक अन्य व्यक्ति ने कथित तौर पर पैसे भेजने में अहम भूमिका निभाई।
रोजिया ने कहा, ‘अजय तिवारी मूल रूप से गुजरात का रहने वाला नहीं है, लेकिन वह यहां लंबे समय से रह रहा है। वे और आकाश मिश्रा हर बार साथ मिलकर (हवाला के जरिए भेजा गया) पैसा लेने जाते थे। ये दोनों यहां (सूरत में) मुख्य आका हैं। वे पाहुजा द्वारा भेजा गया पैसा लेते थे और उसे आगे पहुंचाते थे।’
रकम के इस्तेमाल के संबंध में डीसीपी ने बताया कि जांच अब भी जारी है, लेकिन शुरुआती निष्कर्ष आगामी नगर निगम चुनावों से इसके जुड़ाव की ओर इशारा करते हैं।
अधिकारी ने जोर देकर कहा, ‘जांच अभी जारी है, इसलिए मैं अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकता, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह पैसा स्थानीय निकाय चुनावों के सिलसिले में भेजा जा रहा था।’
उन्होंने कहा कि अब तक पहचाने गए व्यक्तियों को धनराशि के वितरण में अलग-अलग भूमिकाएं सौंपी गई थीं।
पुलिस जांच पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई के अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उनकी पार्टी के खिलाफ साजिश रच रही है।
गढवी ने कहा, ‘हमारे पास धन नहीं है, क्योंकि हम आम लोगों की पार्टी हैं। हमें धन कौन देगा? इसके विपरीत भाजपा को ही बड़े-बड़े चंदे मिलते हैं। मेरा मानना है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भाजपा कार्यालय जाकर उनके रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए।’
उन्होंने दावा किया कि चूंकि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा उम्मीदवारों को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए सत्ताधारी पार्टी ने चुनावों से पहले आप के खिलाफ साजिशें रचने का सहारा लिया है।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष

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