चेन्नई, 13 सितंबर (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर निर्वाचन आयोग को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि यदि किसी विधायक के इस्तीफा देने के कारण उसके निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव आवश्यक हो जाए और वह फिर उसी उपचुनाव में उम्मीदवार बनना चाहे तो उससे चुनाव खर्च की वसूली के लिए ‘‘निर्वाचन व्यय सुरक्षा राशि’’ जमा कराई जाए।
अधिवक्ता के. सुथन द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है।
याचिकाकर्ता ने भारत निर्वाचन आयोग को मदुरांतकम और धारापुरम की रिक्त सीटों पर उपचुनाव कराने से रोकने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है। दोनों आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में छह अक्टूबर को उपचुनाव निर्धारित हैं।
याचिका में निर्वाचन आयोग से यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि यदि एस. जयकुमार (पेरुन्थुरई), के. मरगथम कुमारवेल (मदुरांतकम), पी. सत्यबामा (धारापुरम), एसक्की सुब्बैया (अंबासमुद्रम), सी. विजय भास्कर (विरालीमलाई) और एम. आर. विजयभास्कर (करूर) अपने-अपने इस्तीफे के कारण रिक्त हुई सीटों पर होने वाले उपचुनाव में फिर से उम्मीदवार बनना चाहें, तो नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले उनके लिए ‘‘निर्वाचन व्यय सुरक्षा राशि’’ जमा करना अनिवार्य किया जाए।
याचिका में कहा गया है कि ‘‘निर्वाचन व्यय सुरक्षा राशि’’ जमा करने की आधिकारिक रसीद या चालान को नामांकन पत्र के साथ देना अनिवार्य किया जाए और ऐसा नहीं करने पर संबंधित उम्मीदवार का नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज कर दिया जाए।
जनहित याचिका में भारत निर्वाचन आयोग को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि वह ऐसे निर्वाचित प्रतिनिधियों की वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक विधायी और/या नियामकीय कदम उठाने पर विचार करे जो कानूनी रूप से मान्य किसी बाध्यकारी परिस्थिति के बिना स्वेच्छा से और कार्यकाल पूरा होने से पहले अपने पद से इस्तीफा दे देते हैं। इन कदमों में उनके इस्तीफे के कारण होने वाले उपचुनाव का खर्च वसूलने के लिए ‘‘निर्वाचन व्यय सुरक्षा राशि’’ की व्यवस्था शुरू करने पर विचार करना भी शामिल है।
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना