तनूर नौका दुर्घटना: वी के मोहनन आयोग ने सुरक्षा सिफारिशों के साथ अंतिम रिपोर्ट सौंपी

तनूर नौका दुर्घटना: वी के मोहनन आयोग ने सुरक्षा सिफारिशों के साथ अंतिम रिपोर्ट सौंपी

तनूर नौका दुर्घटना: वी के मोहनन आयोग ने सुरक्षा सिफारिशों के साथ अंतिम रिपोर्ट सौंपी
Modified Date: May 2, 2026 / 03:30 pm IST
Published Date: May 2, 2026 3:30 pm IST

कोच्चि, दो मई (भाषा) केरल के मलप्पुरम जिले में 2023 में हुई तनूर नौका दुर्घटना की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति वी. के. मोहनन जांच आयोग ने अपनी कार्यवाही पूरी कर ली है और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

आयोग के कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, न्यायमूर्ति वी. के. मोहनन ने तकनीकी विशेषज्ञों एस. सुरेश कुमार और के. पी. नारायणन के साथ 30 अप्रैल को मुख्यमंत्री के कार्यालय में 14 खंडों वाली अंतिम रिपोर्ट उन्हें सौंपी।

सात मई, 2023 को तनूर के पूरप्पुझा मुहाने पर हुई नौका दुर्घटना की जांच के लिए आयोग का गठन किया गया था, जिसमें 22 लोगों की जान चली गई थी।

बयान में कहा गया कि जांच को इसके निर्धारित दायरे के आधार पर दो चरणों में संचालित किया गया।

चार दिसंबर, 2025 को प्रस्तुत की गई पहले चरण की रिपोर्ट में दुर्घटना की तात्कालिक परिस्थितियों की जांच की गई और जिम्मेदार व्यक्तियों तथा संस्थानों की पहचान की गई। इस चरण के अंतर्गत, आयोग ने तिरूर में 18 महीनों तक बैठकें कीं, जिनमें 51 गवाहों और 91 दस्तावेजों की जांच की गई।

तीस अप्रैल, 2026 को प्रस्तुत की गई दूसरे और अंतिम चरण की रिपोर्ट में व्यवस्थागत मुद्दों पर विचार किया गया, जिनमें मौजूदा लाइसेंसिंग और प्रवर्तन तंत्र की प्रभावशीलता, भविष्य के सुरक्षा उपाय और राज्य में पिछली नौका दुर्घटनाओं के बाद की गई कार्रवाइयों की समीक्षा शामिल है।

अंतिम चरण के लिए, आयोग ने सभी 14 जिलों में 21 सार्वजनिक परामर्श सत्र आयोजित किए और अधिकारियों तथा आम जनता सहित 821 लोगों के बयान दर्ज किए।

इस आयोग ने पर्यटक और यात्री नौका घाटों तथा पिछली बड़ी नौका दुर्घटनाओं के स्थलों का भी दौरा किया और जांच आयोग अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए विशेषज्ञ राय एवं विभागीय जानकारी प्राप्त की।

बयान में कहा गया कि अंतिम रिपोर्ट में 141 सिफारिश शामिल हैं जिनका उद्देश्य जल परिवहन सुरक्षा और लाइसेंसिंग प्रोटोकॉल में सुधार करना है ताकि ऐसी आपदाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

यह दुर्घटना तब हुई जब यात्रियों को ले जा रही एक पर्यटक नौका पलट गई, जिसमें 15 बच्चों, पांच महिलाओं और दो पुरुषों सहित 22 लोगों की मौत हो गई।

जांच में पता चला कि नौका नियमों का उल्लंघन करते हुए रात में चलाई जा रही थी और इसकी संरचनात्मक खामियां भी दुर्घटना की वजह बनीं।

भाषा

अमित नेत्रपाल

नेत्रपाल


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