टीडीबी महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर न्यायालय में हलफनामा दाखिल करेगा

टीडीबी महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर न्यायालय में हलफनामा दाखिल करेगा

टीडीबी महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर न्यायालय में हलफनामा दाखिल करेगा
Modified Date: March 2, 2026 / 03:36 pm IST
Published Date: March 2, 2026 3:36 pm IST

तिरुवनंतपुरम, दो मार्च (भाषा) त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने सोमवार को कहा कि जब उच्चतम न्यायालय शबरिमला मंदिर के पहाड़ी तीर्थस्थल में रजस्वला आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश से संबंधित याचिकाओं पर विचार करेगा, तो वह मौजूदा परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए न्यायालय के समक्ष एक हलफनामा दाखिल करेगा।

टीडीबी के अध्यक्ष के. जयकुमार ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि हलफनामा दाखिल करने के मामले पर बोर्ड की बैठक में चर्चा हुई और मौजूदा परंपरा को बनाए रखने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे के संदर्भ में कहा, “इस मामले पर बोर्ड में कोई मतभेद नहीं है। टीडीबी का गठन उन नियमों के तहत किया गया है जो मंदिर और उसकी परंपराओं की रक्षा को अनिवार्य बनाते हैं। इसलिए हम सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देंगे।”

उन्होंने कहा कि बोर्ड ने फैसला किया है कि शबरिमला में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित परंपरा जारी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “इसकी सूचना 14 मार्च से पहले उच्चतम न्यायालय को देनी होगी। हमने अदालत को सूचित करने के लिए संबंधित व्यक्तियों को नियुक्त करने का निर्णय लिया है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि टीडीबी, न्यायालय के 2018 के उस फैसले का समर्थन नहीं करता है जिसमें रजस्वला आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई है।

उन्होंने कहा, “एक प्रस्ताव पारित किया जा चुका है और हलफनामा अदालत में दाखिल किया जाएगा”। उन्होंने कहा कि देवस्वओम का केवल एक ही रुख है – परंपराओं की रक्षा की जानी चाहिए और उनका पालन किया जाना चाहिए।

सर्वोच्च न्यायालय ने 2018 में रजस्वला आयुवर्ग की महिलाओं को शबरिमला मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी।

इस मामले में पुनर्विचार याचिकाएं फिलहाल न्यायालय के विचाराधीन हैं, जिसने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को 14 मार्च से पहले अपना पक्ष रखने को कहा है।

भाषा

प्रशांत अविनाश

अविनाश


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