केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने दवा के 46 नमूनों को ‘मानक गुणवत्ता का नहीं’ पाया
केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने दवा के 46 नमूनों को ‘मानक गुणवत्ता का नहीं’ पाया
नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने जुलाई के लिए अपने मासिक औषधि अलर्ट में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित 46 दवाओं के नमूनों को ‘मानक गुणवत्ता का नहीं (एनएसक्यू)’ पाया है।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 97 दवाओं के नमूनों को एनएसक्यू के रूप में पहचाना है।
नियमित नियामक निगरानी गतिविधि के अनुसार, एनएसक्यू और नकली दवाओं की सूची मासिक आधार पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) पोर्टल पर प्रदर्शित की जा रही है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘जुलाई-2025 के महीने के लिए, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 46 दवाओं के नमूनों को मानक गुणवत्ता के नहीं (एनएसक्यू) और राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 97 दवाओं के नमूनों को मानक गुणवत्ता के नहीं (एनएसक्यू) के रूप में पहचाना है।’’
अधिकारियों ने कहा कि दवाओं के नमूनों की एनएसक्यू के रूप में पहचान किसी एक या अन्य निर्दिष्ट गुणवत्ता मानकों में दवा के नमूने की विफलता के आधार पर की जाती है।
उन्होंने कहा कि जुलाई 2025 में, बिहार से दवा के सात नमूने और सीडीएससीओ उत्तरी क्षेत्र, गाजियाबाद से दवा के एक नमूने की पहचान नकली के रूप में की गई। उन्होंने बताया कि ये दवाएं अनधिकृत विनिर्माताओं द्वारा अन्य कंपनियों के ब्रांड नामों का उपयोग करके निर्मित की गई थीं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई राज्य नियामकों के सहयोग से नियमित रूप से की जाती है ताकि इन दवाओं की पहचान की जाए और उन्हें बाजार से हटाया जाए।
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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