दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे ‘लोकतंत्र का यज्ञ’ बताया

दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे ‘लोकतंत्र का यज्ञ’ बताया

दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे ‘लोकतंत्र का यज्ञ’ बताया
Modified Date: June 30, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: June 30, 2026 3:18 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) दिल्ली में मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपना गणना प्रपत्र भरा और लोगों से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इस प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया।

अधिकारियों ने बताया कि एक महीने तक चलने वाले एसआईआर अभियान के दौरान 13,000 से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटेंगे।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों का विवरण भरकर गणना फॉर्म जमा कर दिया है।

गुप्ता ने मतदाताओं से इस ‘‘महत्वपूर्ण’’ अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की भी अपील करते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र और मजबूत होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अपना गणना प्रपत्र समय पर भरें और अपने बीएलओ को जमा करें। एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र की नींव है। आइए, जागरूक नागरिक होने का अपना कर्तव्य निभाएं और लोकतंत्र के इस महान ‘यज्ञ’ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।’’

अधिकारियों ने बताया कि बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह जल्दी और शाम के समय, जब लोग घर पर मौजूद हों, घर-घर जाकर सत्यापन करें। इसके लिए शनिवार और रविवार को भी अभियान चलाया जाएगा।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, एक महीने तक चलने वाले घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान के लिए 13,000 से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं। यह अभियान 29 जुलाई को समाप्त होगा।

दिल्ली में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल भी अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) के माध्यम से इस घर-घर सर्वेक्षण में भाग ले रहे हैं, ताकि लोगों को प्रपत्र भरने और जमा कराने में सहायता मिल सके।

राष्ट्रीय राजधानी में सात लोकसभा क्षेत्रों और 70 विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत 13,033 मतदान केंद्र हैं।

एसआईआर के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां देंगे, जिन्हें 2002 में हुए पिछले एसआईआर के आधार पर अपनी जानकारी भरनी होगी। इनमें से एक प्रति रसीद पावती के रूप में मतदाता के पास रहेगी, जबकि दूसरी प्रति बीएलओ को वापस करनी होगी। गणना प्रपत्र के साथ कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है।

हर मतदाता को यह गणना प्रपत्र भरना होगा ताकि सात अक्टूबर को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम शामिल हो सकें।

सीईओ कार्यालय के मुताबिक, जो लोग गणना प्रपत्र नहीं भरेंगे, उनके नाम पांच अगस्त को जारी होने वाली मसौदा मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।

घर-घर सर्वेक्षण के दौरान यदि कोई घर बंद मिलता है, तो संबंधित बीएलओ वहां कम से कम तीन बार जाएगा।

दिल्ली में कुल 1.45 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 1,024 है, जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 76,155 है।

यदि कोई मतदाता 2002 के बाद दिल्ली में आकर बस गया है, तो उसे अपने मूल राज्य में हुई पिछली एसआईआर की जानकारी भी प्रपत्र में भरनी होगी, जहां वह पहले मतदाता के रूप में पंजीकृत था।

सभी राज्यों की मतदाता सूचियां निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

मतदाता अपने गणना प्रपत्र का विवरण ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।

भाषा

गोला संतोष

संतोष


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