साइरस मिस्त्री के चढ़ाव और उतार से रुबरु कराएगी ‘द स्टोरी ऑफ टाटा’

साइरस मिस्त्री के चढ़ाव और उतार से रुबरु कराएगी ‘द स्टोरी ऑफ टाटा’

साइरस मिस्त्री के चढ़ाव और उतार से रुबरु कराएगी ‘द स्टोरी ऑफ टाटा’
Modified Date: November 29, 2022 / 08:45 pm IST
Published Date: August 29, 2021 5:12 pm IST

नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) टाटा कंपनी के कारोबार पर करीब से नजर रखने वाले आयरिश उद्यमी और लेखक पीटर केसी अपनी नयी किताब ‘द स्टोरी ऑफ टाटा (1868-2021)’ के साथ पाठकों के सामने आए हैं।

इस किताब में उन्होंने ‘‘ वर्ष 1868 से 2021 तक टाटा की एक छोटी सी कंपनी से बड़ा उद्योग घराना बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला है और इसके साथ ही हाल में साइरस मिस्त्री के साथ हुए विवाद को भी अपनी किताब में जगह दी है।

पेंग्विन रैंडम हाऊस इंडिया द्वारा इस किताब को 27 अगस्त को पाठकों के समक्ष पेश किया गया जिसमें साइरस मिस्त्री के दुनिया के सबसे बड़े कारोबार समूहों में से एक टाटा के संदर्भ में उतार-चढ़ाव पर प्रकाश डाला गया है। इस किताब में अब तक दुनिया के सामने नहीं आए, शापूरजी पलोनजी के वारिस मिस्त्री और रतन टाटा के बीच हुए पत्राचार का भी जिक्र है।

गौरतलब है कि टाटा संस के अध्यक्ष के तौर पर मिस्री वर्ष 2012 में रतन टाटा के उत्तराधिकारी बने थे लेकिन चार साल बाद उन्हें पद से हटा दिया गया।

लेखक ने परिचय में लिखा, ‘‘ एक तथ्य है जिसपर सभी सहमत हैं कि कंपनी का बोर्ड एक बार जब अपने अध्यक्ष या सीईओ में भरोसा खो देता है तो यह सभी के हित में होता है कि वे अपना रास्ता अलग कर लें। निश्चित रूप से यह टाटा संस बोर्ड के लिए सबसे बेहतर विकल्प रहा होगा। उन्होंने साइरस मिस्त्री के नेतृत्व पर से भरोसा खो दिया था। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया और दुनिया आगे बढ़ गई।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


लेखक के बारे में