त्रिपुरा में हड़ताल को कोई खास समर्थन नहीं मिला

त्रिपुरा में हड़ताल को कोई खास समर्थन नहीं मिला

त्रिपुरा में हड़ताल को कोई खास समर्थन नहीं मिला
Modified Date: February 12, 2026 / 02:49 pm IST
Published Date: February 12, 2026 2:49 pm IST

अगरतला, 12 फरवरी (भाषा) दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा बृहस्पतिवार को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल को त्रिपुरा में कोई खास समर्थन नहीं मिला।

सरकारी कार्यालय, बैंक, शैक्षणिक संस्थान और बाजार खुले रहे, जबकि राज्य भर में सड़क परिवहन और ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार के नेतृत्व में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेताओं के एक बड़े समूह ने सुबह अगरतला के पैराडाइज चौमुहानी पर बंद के समर्थन में धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

चौधरी ने दावा किया कि लोगों ने किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए बुलाए गए बंद का समर्थन किया है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार श्रमिक वर्ग के हितों की अनदेखी करते हुए देश को अमेरिका को बेचने की कोशिश कर रही है। भारत-अमेरिका समझौता देश के कृषि क्षेत्र को बर्बाद करने वाला है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने अपनी श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण श्रमिक संगठनों को हड़ताल करने के लिए मजबूर किया है।

उन्होंने कहा, ‘यह हड़ताल हमारे आंदोलन का अंत नहीं है। हम मोदी सरकार की नीतियों के विरोध में व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।’

पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है और अतिरिक्त बल बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और बाजारों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर नजर रख रहे हैं।

राज्य पुलिस के प्रवक्ता राजदीप देब ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘त्रिपुरा में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर महसूस नहीं हुआ क्योंकि सरकारी कार्यालयों, बैंकों, शैक्षणिक संस्थानों और बाजारों में काम जारी है और जनजीवन सामान्य है।’’

भाषा

शुभम संतोष

संतोष


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