केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के उम्मीवार को लेकर कोई चर्चा नहीं : प्रदेश अध्यक्ष जोसेफ
केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के उम्मीवार को लेकर कोई चर्चा नहीं : प्रदेश अध्यक्ष जोसेफ
कन्नूर (केरल), 27 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की केरल इकाई के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सोमवार को कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर पार्टी में कोई आंतरिक चर्चा नहीं चल रही है और यह फैसला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
जोसेफ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें लोगों के इस भरोसे को लेकर खुशी है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य में कांग्रेस का मुख्यमंत्री बनेगा।
केरल की 140-सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव नौ अप्रैल को हुए थे और परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के चयन के लिए कांग्रेस में एक तय प्रक्रिया है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) फैसला लेगी और उसे जनता के सामने रखेगी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता द्वारा इसे मंजूरी दी जाएगी।’’
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कई नेताओं ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सत्ता में आने पर वी डी सतीशान, रमेश चेन्निथला और के सी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बताकर उन्हें अपना समर्थन दिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी एम सुधीरन ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के विषय पर चर्चा करना इस समय अप्रासंगिक है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस चुनाव जीतकर सत्ता में आने की स्थिति में है। मुख्यमंत्री चुनने की पार्टी की एक पारंपरिक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के अनुसार, प्रदेश इकाई से राय ली जाएगी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उसका मूल्यांकन किया जाएगा, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।’’
इस बीच, तिरुवनंतपुरम की वट्टियूरकावु सीट से चुनाव लड़ने वाले के. मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें ऐसी बहसों में कोई दिलचस्पी नहीं है।
कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का ध्यान आकृष्ट करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे प्रचार अभियानों के बारे में पूछे जाने पर, मुरलीधरन ने कहा कि वे इसे लोगों का मनोरंजन करने का प्रयास मानते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस शांति के दौरान लोगों को अपनी उदासी दूर करनी चाहिए। इस बार त्रिशूर पूरम में आतिशबाजी नहीं होगी, इसलिए कुछ लोगों ने शायद खुद ही कुछ ‘आतिशबाजी’ करने का फैसला किया होगा- लेकिन वे हद पार नहीं करेंगे।’’
भाषा संतोष सुरेश
सुरेश

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