त्रिपुरा जनजातीय परिषद चुनावों से पहले भाजपा के साथ गठबंधन करने का दबाव था : टीएमपी प्रमुख प्रद्योत

त्रिपुरा जनजातीय परिषद चुनावों से पहले भाजपा के साथ गठबंधन करने का दबाव था : टीएमपी प्रमुख प्रद्योत

त्रिपुरा जनजातीय परिषद चुनावों से पहले भाजपा के साथ गठबंधन करने का दबाव था : टीएमपी प्रमुख प्रद्योत
Modified Date: March 29, 2026 / 09:47 pm IST
Published Date: March 29, 2026 9:47 pm IST

अगरतला, 29 मार्च (भाषा) टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने रविवार को दावा किया कि त्रिपुरा जनजातीय परिषद चुनावों से पहले भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए उन पर ‘‘जबरदस्त दबाव’’ था।

त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) की 28 सीट के लिए मतदान 12 अप्रैल को होगा और मतगणना 17 अप्रैल को होगी।

देबबर्मा ने ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जनजातीय परिषद चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन करने के लिए मुझ पर बहुत दबाव था, लेकिन मैंने आदिवासी लोगों के अधिकारों से समझौता नहीं किया।’’

टीएमपी राज्य में भाजपा के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, हालांकि भाजपा ने जनजातीय परिषद चुनाव अकेले लड़ने का विकल्प चुना है।

देबबर्मा ने आरोप लगाया कि उन्हें चेतावनी दी गई थी कि अगर भाजपा के साथ गठबंधन को अंतिम रूप नहीं दिया गया, तो उनकी पार्टी में फूट पड़ जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनजातीय परिषद के एक कार्यकारी सदस्य सहित पांच वरिष्ठ नेता तब से भाजपा में शामिल हो गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा के साथ गठबंधन क्यों करूं? केंद्र और राज्य सरकार के साथ टिपरासा समझौते पर हस्ताक्षर हुए दो साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया है। यह चुनाव केवल चुनावी लड़ाई नहीं है, यह टिपरासा(आदिवासी) लोगों के अस्तित्व और जीवन के लिए लड़ाई है।’’

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप


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