तेरह प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा नहीं: तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के अनुसार
तेरह प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा नहीं: तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के अनुसार
हैदराबाद, 16 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना के 13 प्रतिशत से अधिक घरों में शौचालय की सुविधा नहीं है, जबकि लगभग छह प्रतिशत घरों में बिजली की सुविधा नहीं है। तेलंगाना में कांग्रेस सरकार द्वारा 2024-25 में किए गए जाति सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आयी है।
बुधवार को सार्वजनिक की गई सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना में 21.2 प्रतिशत घरों में नल के पानी की सुविधा नहीं है। पाइप से आपूर्ति किये जाने वाले पानी की उपलब्धता भी सीमित है। अनुसूचित जाति के 19.7 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के 21.0 प्रतिशत लोगों को नल के पानी की आपूर्ति सुलभ नहीं है।
वहीं, पिछड़े वर्ग में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत है, जबकि सामान्य वर्ग की स्थिति बेहतर है, जहां केवल 12.8 प्रतिशत परिवारों के पास नल के पानी की सुविधा नहीं है।
तेलंगाना सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति (एसईईईपीसी) सर्वेक्षण-2024 में कहा गया है, “शौचालयों की अनुपलब्धता विकास और पिछड़ेपन का एक मूलभूत सूचक है, जो विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत गरिमा को प्रभावित करती है। तेलंगाना में 13.3 प्रतिशत घरों में शौचालय नहीं होने की जानकारी मिली है।’
घर के भीतर शौचालय के सुविधा की कमी अब भी अभाव का एक प्रमुख संकेतक बनी हुई है।
इसमें आगे कहा गया है, “अनुसूचित जातियों में से 18.8 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों में से 32.5 प्रतिशत ने शौचालय की सुविधा न होने की सूचना दी, जिससे स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी जोखिम उत्पन्न होते हैं।’
पिछड़ा वर्ग में यह आंकड़ा 10.8 प्रतिशत है, जबकि सामान्य वर्ग में यह केवल 4.5 प्रतिशत है, जो बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं तक कहीं बेहतर पहुंच को दर्शाता है। यह स्पष्ट अंतर विभिन्न समुदायों के बीच स्वच्छता संबंधी गहरी असमानता को उजागर करता है।
कुल घरों में से 65 लाख या 5.8 प्रतिशत घरों में बिजली नहीं होने की सूचना मिली है।
भाषा
शुभम प्रशांत
प्रशांत

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