पहली डिजिटल जनगणना में जिनके पास फोन नहीं, उनका भी ध्यान रखा जाए:पीएफआई
पहली डिजिटल जनगणना में जिनके पास फोन नहीं, उनका भी ध्यान रखा जाए:पीएफआई
नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने जनगणना के डिजिटलीकरण का बुधवार को स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि इसमें उन लोगों का ध्यान रखा जाना चाहिए जिनके पास फोन नहीं है।
जनसंख्या संबंधी क्षेत्र में काम करने वाले इस गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने देश की पहली डिजिटल जनगणना के लिए एक समावेशी और सुरक्षित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इसे सटीकता व समानता को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए।
देश की 16वीं जनगणना का पहला चरण एक अप्रैल को दिल्ली और कुछ राज्यों में शुरू हुआ। संगठन ने जनगणना के पहले चरण की शुरुआत का स्वागत किया।
पीएफआई की कार्यकारी निदेशक पूनम मुटरेजा ने कहा, “डिजिटलीकरण एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन सभी लोगों के पास डिजिटल उपकरणों तक समान पहुंच नहीं है।”
उन्होंने कहा, “स्वयं गणना मोबाइल की उपलब्धता, कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता पर निर्भर करती है। अगर इसे ध्यान में न रखा गया तो प्रवासी, शहरी इलाकों में रहने वाले गरीब लोग, बुजुर्ग और वे महिलाएं वंचित रह जाएंगी जिन महिलाओं के पास फोन नहीं है।”
भाषा जोहेब नोमान
नोमान

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