लिबासपुर फ्लाईओवर पर मोटरसाइकिल कंक्रीट अवरोधक से टकरायी, तीन लोगों की मौत

लिबासपुर फ्लाईओवर पर मोटरसाइकिल कंक्रीट अवरोधक से टकरायी, तीन लोगों की मौत

लिबासपुर फ्लाईओवर पर मोटरसाइकिल कंक्रीट अवरोधक से टकरायी, तीन लोगों की मौत
Modified Date: October 22, 2025 / 07:58 pm IST
Published Date: October 22, 2025 7:58 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) बाहरी दिल्ली में मंगलवार देर रात जी टी रोड पर लिबासपुर फ्लाईओवर पर एक मोटरसाइकिल कंक्रीट अवरोधक (जर्सी बैरियर) से टकरा गयी जिसके कारण उसपर सवार दो भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गयी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि उसे रात एक बजकर 33 मिनट पर इस दुर्घटना की सूचना मिली जिसके बाद मौके पर गये पुलिस दल ने एक क्षतिग्रस्त ‘रॉयल इनफील्ड’ मोटरसाइकिल के पास तीन लोगों को बेहोश पाया।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान सुमित (27), मोहित (26) और अनुराग (23) के रूप में की गयी है। अनुराग रिश्ते में मोहित का भाई था। तीनों नांगलोई के रहने वाले थे।

पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) हरेश्वर स्वामी ने एक बयान में कहा, ‘‘तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये तीनों हरियाणा के मुरथल से रात्रि भोज के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल फ्लाईओवर पर लगे कंक्रीट के अवरोधक से टकरा गई। दुर्घटना के समय तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था।’’

अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 281 (तेज़ गति से गाड़ी चलाना) और 106(1) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस बात की भी जांच चल रही है कि अवरोधक पर ‘रिफ्लेक्टर’ या चेतावनी चिह्नों की अनुपस्थिति दुर्घटना का कारण तो नहीं थी।

डीसीपी ने कहा, ‘‘चश्मदीदों का पता लगाने की भी कोशिश की गई, लेकिन कोई नहीं मिला। हम घटनाक्रम को समझने के लिए पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी देख रहे हैं।’’

जांच से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सड़क पर कुछ मरम्मत कार्य के चलते अवरोधक लगाए गए थे और पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या मोटरसाइकिल पर बैठे लोग नशे में थे।

इस दुर्घटना ने ‘जर्सी बैरियर’ की ओर ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि छोटी, ले जाने योग्य कंक्रीट की दीवारें (अवरोधक) जो यातायात को विभाजित या पुनर्निर्देशित करने के लिए होती हैं, अतीत में कई दुर्घटनाओं में खराब रखरखाव और बेतरतीब ढंग से लगाए जाने के कारण मौत का जाल बन चुकी हैं।

नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ये कंक्रीट के ब्लॉक व्यस्त सड़कों पर अचानक बाहर निकलते हुए पाए जा सकते हैं, अक्सर बिना रिफ्लेक्टर टेप, खतरे के निशान या यहां तक कि उचित रोशनी के भी। कोहरे की स्थिति में, जब दृश्यता 50 मीटर से कम हो जाती है, तो ये करीब -करीब दिखते ही नहीं हैं, जिससे घातक दुर्घटनाएं होती हैं।’’

भाषा

राजकुमार प्रशांत

प्रशांत


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