केरल में बरकरार रहेगी पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था, समिति की रिपोर्ट आने पर होगा पीएमश्री पर फैसला: थंगल

केरल में बरकरार रहेगी पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था, समिति की रिपोर्ट आने पर होगा पीएमश्री पर फैसला: थंगल

केरल में बरकरार रहेगी पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था, समिति की रिपोर्ट आने पर होगा पीएमश्री पर फैसला: थंगल
Modified Date: July 3, 2026 / 06:44 pm IST
Published Date: July 3, 2026 6:44 pm IST

मलप्पुरम (केरल), तीन जुलाई (भाषा) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के छात्र केरल की शैक्षिक परंपरा के अनुसार ही पढ़ाई जारी रखेंगे और पीएम श्री योजना पर फैसला राज्य सरकार की ओर से नियुक्त उप-समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।

थंगल ने यहां केरल विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन के आवास पर उनसे मुलाकात की, जिसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही।

पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना केंद्र सरकार द्वारा चुने गए सरकारी स्कूलों को आदर्श स्कूलों के रूप में विकसित करने के लिए शुरू की गई थी।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार में सामान्य शिक्षा विभाग आईयूएमएल के पास है। पार्टी ने विपक्ष में रहते हुए इस योजना का विरोध किया था और कहा था कि यह शिक्षा व्यवस्था का भगवाकरण करने की कोशिश है।

पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में यूडीएफ और एलडीएफ के कुछ वर्गों के विरोध के बाद इसके क्रियान्वयन को रोक दिया गया था।

सत्ता में आने के बाद यूडीएफ ने इस मुद्दे पर गौर के लिए एक उप-समिति गठित की थी।

थंगल ने कहा, ‘उप-समिति के अध्ययन पूरा करने के बाद स्पष्ट फैसला लिया जाएगा। सभी चिंताओं का समाधान करने के बाद ही हम आगे बढ़ेंगे।’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की शिक्षा के मामले में स्पष्ट नीति है।

उन्होंने कहा, ‘हमारी एक परंपरा है और हमारे छात्र उसी के अनुसार शिक्षा हासिल करना जारी रखेंगे। इससे अलग कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।’

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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