तृणमूल ने महिलाओं के साथ ‘विश्वासघात’ किया, विधानसभा चुनावों में सजा मिलेगी : प्रधानमंत्री मोदी

तृणमूल ने महिलाओं के साथ ‘विश्वासघात’ किया, विधानसभा चुनावों में सजा मिलेगी : प्रधानमंत्री मोदी

तृणमूल ने महिलाओं के साथ ‘विश्वासघात’ किया, विधानसभा चुनावों में सजा मिलेगी : प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: April 19, 2026 / 12:35 pm IST
Published Date: April 19, 2026 12:35 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

बांकुड़ा (बंगाल), 19 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित होने से रोककर महिलाओं के साथ ‘‘विश्वासघात’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाएं सत्तारूढ़ दल को सजा देंगी।

बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल ने कांग्रेस के साथ मिलकर उस विधेयक को पारित होने से रोका, जिसका उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना था क्योंकि वह ‘‘महिला सशक्तीकरण के खिलाफ’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने देखा कि संसद में तृणमूल ने महिलाओं के साथ किस तरह विश्वासघात किया। तृणमूल ने कांग्रेस के साथ मिलकर इस विधेयक को रोकने की साजिश रची, क्योंकि वह महिला सशक्तीकरण के खिलाफ है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दूसरी ओर भाजपा की पहचान महिला सशक्तीकरण, उनकी सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी है। यही कारण है कि देशभर की महिलाएं भाजपा को आशीर्वाद देती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बढ़े और अधिक से अधिक महिलाएं राजनीति में आएं। लेकिन पश्चिम बंगाल ने एक बार फिर देखा है कि तृणमूल ने राज्य की बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया।’’

तृणमूल पर महिला आरक्षण और महिला सशक्तीकरण दोनों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा कि राज्य की महिला मतदाता इस पार्टी को करारा जवाब देंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल महिला सशक्तीकरण और आरक्षण नहीं चाहती। पश्चिम बंगाल की महिलाएं उसे सजा देंगी।’’

प्रधानमंत्री की ये टिप्पणियां उस घटनाक्रम के दो दिन बाद आई है, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित कराने में सफल नहीं हो सकी।

यह विधेयक 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कराकर 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से संबंधित था।

मोदी ने तृणमूल पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और महिलाओं को प्रतिनिधित्व से वंचित रखने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘यही तृणमूल घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने के लिए हर कानून और हर नियम तोड़ती है, लेकिन महिला सशक्तीकरण का विरोध करती है।’’

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘यही तृणमूल धर्म के आधार पर आरक्षण देने में लगी है। यह संविधान की भावना का गला घोंट रही है।’’

उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है तो महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत घर बनाने के लिए 1.5 लाख रुपये तक दिए जाएंगे।

उन्होंने तृणमूल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने और आदिवासी समुदायों की चिंताओं के प्रति उदासीन रहने का भी आरोप लगाया।

मोदी ने कहा, ‘‘आदिवासी विरोधी तृणमूल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया। तृणमूल और कांग्रेस दोनों आदिवासी विरोधी हैं। यही कारण है कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ उम्मीदवार उतारा था।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पश्चिम बंगाल के चुनाव ऐतिहासिक होंगे, क्योंकि जनता तृणमूल के ‘भय’ को समाप्त कर भाजपा के ‘भरोसे’ को जनादेश देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं तृणमूल के गुंडों को आखिरी मौका देता हूं कि वे चुनाव से पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दें, क्योंकि चार मई को नतीजे आने के बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा।’’

भाषा गोला संतोष

संतोष


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