ईरान संकट में फंसे नाविक बेटे से संपर्क न होने से परेशान माता-पिता ने लगाई मदद की गुहार

ईरान संकट में फंसे नाविक बेटे से संपर्क न होने से परेशान माता-पिता ने लगाई मदद की गुहार

ईरान संकट में फंसे नाविक बेटे से संपर्क न होने से परेशान माता-पिता ने लगाई मदद की गुहार
Modified Date: March 23, 2026 / 02:55 pm IST
Published Date: March 23, 2026 2:55 pm IST

वायनाड (केरल), 23 मार्च (भाषा) केरल में मनंतवाड़ी के एक 20-वर्षीय नाविक के माता-पिता ने ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद एक महीने से अधिक समय से अपने बेटे से संपर्क टूट जाने के बाद मदद की गुहार लगाई है।

उन्होंने बताया कि उसी जहाज पर सवार इडुक्की के जेरिन जोसेफ नामक एक अन्य युवक से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।

फदूशा फरहान टी यू, शम्सुद्दीन और रेहनत के बेटे हैं। वह ट्रिम शिप मैनेजमेंट द्वारा संचालित माल्टा के ध्वज वाले “अरुकस” नामक व्यावसायिक जहाज पर काम कर रहे थे, जो ईरान में तैनात था।

रेहनत ने बताया कि फरहान पिछले आठ महीने से इस जहाज पर काम कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “उसने (फरहान ने) 27 फरवरी को वीडियो कॉल करके बताया था कि सब कुछ सामान्य है। उसने कहा था कि उसका जहाज जल्द ही तेहरान से तुर्किये के लिए रवाना होगा।”

लेकिन अगले ही दिन क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद संपर्क टूट गया।

उन्होंने कहा, “हमने शिपिंग कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे भी बात नहीं हो पाई।”

शम्सुद्दीन ने बताया कि पिछले साल भी ऐसी ही स्थिति में फरहान से 20 दिन तक संपर्क नहीं हो पाया था।

उन्होंने कहा, “बाद में उसने बताया कि इंटरनेट बंद होने के कारण संपर्क संभव नहीं था, लेकिन उस समय संघर्ष कुछ ही दिन का था। अब ईरान से आ रही खबरें डराने वाली हैं।”

माता-पिता ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी, विधायक ओ आर केलू और सांसद प्रियंका गांधी से मदद की गुहार लगाई है।

शम्सुद्दीन और रेहनत के चार बच्चे हैं, जिनमें फरहान सबसे बड़े हैं। शम्सुद्दीन अपनी आजीविका के लिए मछली की छोटी दुकान चलाते हैं।

रेहनत ने कहा, “अगर भारत सरकार इस मामले को ईरान के अधिकारियों के सामने उठाए, तो हमें अपने बेटे और उसके दोस्त जेरिन के बारे में जानकारी मिल सकती है। हमें उम्मीद है कि अधिकारी हमारी मदद करेंगे।”

भाषा जोहेब सुरेश

सुरेश


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