लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों में कानपुर के दो थ्रीडी आर्टिस्ट भी शामिल

लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों में कानपुर के दो थ्रीडी आर्टिस्ट भी शामिल

लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों में कानपुर के दो थ्रीडी आर्टिस्ट भी शामिल
Modified Date: June 23, 2026 / 03:06 pm IST
Published Date: June 23, 2026 3:06 pm IST

कानपुर (उप्र), 23 जून (भाषा) लखनऊ की एक व्यवसायिक इमारत में सोमवार को आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले 15 लोगों में दो व्यक्ति कानपुर के थे जो एक एनिमेशन स्टूडियो में बतौर थ्रीडी आर्टिस्ट काम करते थे।

अधिकारियों के अनुसार उनकी पहचान गोविंद नगर निवासी संयम विज (28) और बर्रा निवासी सूरजभान सिंह (24) के रूप में हुई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संयम और सूरजभान उसी इमारत में स्थित एक थ्रीडी एनिमेशन स्टूडियो में काम करते थे। दोनों सहकर्मी और करीबी दोस्त थे।

दोनों ने वर्षों पहले अपने पिता को खो दिया था। दोनों मित्र अपने-अपने परिवार का मुख्य सहारा थे। संयम के पिता पुष्पराज सिंह का करीब 15 साल पहले निधन हुआ था, वहीं सूरजभान के पिता शिवराज सिंह का भी निधन हो चुका है।

रिश्तेदारों ने बताया कि संयम पिछले तीन साल से लखनऊ में था और साप्ताहिक अवकाश पर कानपुर आता था। मंगलवार को उसे दादी के श्राद्ध कार्यक्रम के लिए घर आना था।

सूरजभान के भाई सुधीर रविवार शाम को ही लखनऊ लौटा था। उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी आखिरी यात्रा होगी। घटना के समय उसकी मां मीरा और भाई सम्राट ऋषिकेश में थे। यह खबर मिलने के बाद वे लौट आए।

मंगलवार सुबह दोनों शवों को कानपुर लाया गया।

कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि वह लगातार लखनऊ पुलिस आयुक्त के संपर्क में रहे। मृतकों की पहचान होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को पीड़ित परिवारों के घर भेजा गया। उन्होंने कहा कि ‘कानपुर पुलिस शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।’

संयम का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह कर दिया गया। सूरजभान का अंतिम संस्कार बाद में किया जाएगा।

लाल ने बताया कि हादसे के बाद अवैध इमारतों, बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में चल रहे कोचिंग सेंटर, होटल, अस्पताल, जिम के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है, जहां आपातकालीन निकास नहीं हैं। पुलिस, अग्निशमन विभाग, कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की उच्च-स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है ताकि लखनऊ जैसी त्रासदी दोबारा न हो।

भाषा सं आनन्द मनीषा अविनाश

अविनाश


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