दिल्ली के जाफराबाद दोहरे हत्याकांड में मुठभेड़ के बाद दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के जाफराबाद दोहरे हत्याकांड में मुठभेड़ के बाद दो आरोपी गिरफ्तार
नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में पिछले महीने दो भाइयों की हत्या के मामले में वांछित हाशिम बाबा गिरोह के दो सदस्यों को बृहस्पतिवार को संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां 16 दिसंबर 2025 को नदीम और फैजल की हत्या से जुड़ी हैं। दोनों भाइयों की एक सुनियोजित हमले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपराधियों ने वारदात के दौरान करीब 50 गोलियां चलाई थीं।
जांचकर्ताओं ने बताया कि हमलावरों ने लगभग आधे घंटे तक घात लगाकर इंतजार किया और जैसे ही पीड़ित मौके पर पहुंचे, उन पर गोलियां बरसा दीं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असद अमीन (22), जो पीड़ितों का रिश्ते का भाई है, और मोहम्मद दानिश (34) के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जांच में हाशिम बाबा गिरोह के सदस्यों की संलिप्तता सामने आई थी और पुलिस ने इन हत्याओं को अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़ा प्रतिशोधात्मक कृत्य बताया था।
पुलिस के मुताबिक, अगस्त में हुई एक अलग जांच के दौरान एक हथियार तस्कर ने कथित तौर पर नदीम का नाम उजागर किया था, जिसके बाद नदीम ने दानिश का नाम लिया था। पुलिस का मानना है कि गिरोह को हथियार आपूर्ति करने वाले दानिश ने इसी खुलासे का बदला लेने के लिए हमले की साजिश रची।
आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनके ठिकानों की पहचान के लिए पुलिस ने लगातार खुफिया सूचनाओं और तकनीकी निगरानी का सहारा लिया।
बृहस्पतिवार को विशेष सूचना के आधार पर पुलिस ने गाजीपुर पेपर मार्केट इलाके में जाल बिछाया और मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बोर की तीन पिस्तौल, जिनमें एक 9 एमएम हथियार शामिल है, कारतूस, खोखे और कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी भी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्कूटी जाफराबाद थाने में दर्ज एक मामले से जुड़ी पाई गई।
पुलिस ने बताया कि असद हाशिम बाबा गिरोह का अहम सदस्य है और 2024 में जीटीबी अस्पताल में हुई गोलीबारी की एक घटना में भी उसका नाम सामने आया था, जबकि दानिश को इस दोहरे हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है।
अन्य सहयोगियों और बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा मनीषा प्रशांत
प्रशांत

Facebook


