प्रशांत महासागर में मादक पदार्थ की कथित तस्करी करने वाली नौका पर अमेरिकी हमला, दो की मौत

प्रशांत महासागर में मादक पदार्थ की कथित तस्करी करने वाली नौका पर अमेरिकी हमला, दो की मौत

प्रशांत महासागर में मादक पदार्थ की कथित तस्करी करने वाली नौका पर अमेरिकी हमला, दो की मौत
Modified Date: June 22, 2026 / 11:19 am IST
Published Date: June 22, 2026 11:19 am IST

वाशिंगटन, 22 जून (एपी) अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में कथित रूप से मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक नौका पर हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि छह अन्य जीवित बच गए।

यह हमला लैटिन अमेरिका में कथित मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी अभियान का हिस्सा है। इस ताजा कार्रवाई के साथ ही ऐसे हमलों की संख्या 60 से अधिक हो गई है। सितंबर की शुरुआत में अमेरिकी प्रशासन द्वारा ‘नार्को-टेररिस्ट’ कहे जाने वाले समूहों के खिलाफ अभियान शुरू किए जाने के बाद से नावों पर किए गए हमलों में मारे गए लोगों की संख्या 210 से अधिक हो चुकी है।

यह हमला बृहस्पतिवार को किया गया और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में बचे छह लोगों को बचाया गया या नहीं। अमेरिकी सेना के अनुसार, उसने इस संबंध में अमेरिकी तटरक्षक बल को सूचित किया है। इससे पहले 16 जून को किए गए एक अन्य हमले में भी दो लोग जीवित बचे थे, जिनके बारे में बाद में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।

अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कहा कि कार्रवाई उन समुद्री मार्गों पर की गई जिन्हें मादक पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि सेना ने यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया कि निशाना बनाई गई नाव वास्तव में मादक पदार्थ ले जा रही थी।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक श्वेत-श्याम वीडियो में एक तेज रफ्तार नाव को समुद्र में चलते हुए देखा गया, जिसके बाद उस पर एक प्रक्षेपास्त्र जैसी वस्तु से हमला होता है और नाव आग की लपटों में घिर जाती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका लातिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल के साथ ‘‘सशस्त्र संघर्ष’’ की स्थिति में है। उनका तर्क है कि ये हमले अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी और ओवरडोज से होने वाली मौतों को रोकने के लिए आवश्यक हैं। हालांकि प्रशासन ने अब तक यह साबित करने के लिए सीमित साक्ष्य ही पेश किए हैं कि मारे गए लोग वास्तव में ‘नार्को-टेररिस्ट’ थे।

इन हमलों की वैधता और प्रभावशीलता को लेकर आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि अमेरिका में घातक ओवरडोज के लिए जिम्मेदार फेंटेनिल का अधिकांश हिस्सा समुद्री मार्ग से नहीं बल्कि मेक्सिको के रास्ते जमीनी मार्ग से पहुंचता है। यह मादक पदार्थ आमतौर पर चीन और भारत से आयातित रसायनों से तैयार किया जाता है।

एपी मनीषा रंजन

रंजन


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