यूएई ने भारत को दिया भरोसा, भारतीयों की सुरक्षा को ‘प्राथमिकता’ बताया

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यूएई ने भारत को दिया भरोसा, भारतीयों की सुरक्षा को ‘प्राथमिकता’ बताया

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 09:38 PM IST

नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत को आश्वस्त किया है कि खाड़ी देश में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा उसकी “प्राथमिकता” है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ईरान के हमलों के बीच यूएई ने कहा कि वहां रहने वाले भारतीय सुरक्षित हैं और उनके साथ परिवार की तरह व्यवहार किया जाता है।

भारत में यूएई के राजदूत अब्दुलनसीर अलशाली ने भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का सह-प्रायोजक बनने के फैसले की सराहना की।

अलशाली ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, “यूएई में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। वे सुरक्षित हैं और उन्हें परिवार की तरह माना जाता है। ठीक उसी तरह जैसे देश में शांति और सौहार्द के साथ रहने वाले 200 अन्य देशों के लोगों का भी सम्मान किया जाता है।”

अलशाली ने बताया कि यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने अस्पताल में भर्ती पांच घायलों-दो अमीराती, एक भारतीय, एक सूडानी और एक ईरानी से मुलाकात की और कहा कि “वे सभी हमारी जिम्मेदारी हैं।”

अलशाली ने कहा कि यूएई में करीब 40 लाख भारतीय रहते हैं, और वे केवल आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और समाज का अहम हिस्सा हैं।

वर्ष 2024 में, यूएई भारत को भेजी जाने वाली धनराशि में दूसरा सबसे बड़ा स्रोत रहा, जिसका कुल मूल्य 21.6 अरब अमेरिकी डॉलर था।

उन्होंने ईरान के हमलों को लेकर कहा कि यूएई की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश खतरों को नाकाम कर दिया है और देश सुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने खाड़ी देशों पर “बिना उकसावे के आक्रामक हमला” किया है।

अलशाली के अनुसार, 20 मार्च तक यूएई पर 338 बैलिस्टिक मिसाइल, 15 क्रूज मिसाइल और 1,740 से अधिक ड्रोन हमले किए गए, जिनमें छह लोगों की मौत हुई और 158 घायल हुए। उन्होंने कहा कि ये हमले रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसी प्रस्ताव के मसौदे, किसी बहुपक्षीय बयान या किसी औपचारिक कूटनीतिक प्रक्रिया के शुरू होने से पहले ही यूएई के राष्ट्रपति से फोन पर बात की।

उन्होंने कहा, “इस फोन को भाईचारे के रूप में लिया गया। भारत ने इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का सह-प्रायोजन किया — यह उस समय एक सिद्धांत आधारित रुख था, जब इसकी सबसे अधिक जरूरत थी, और यह ऐसे देश का रुख था जिसे यूएई एक रणनीतिक साझेदार और मित्र मानता है। यूएई याद रखेगा कि कौन हमारे समर्थन में साथ खड़ा हुआ। भारत उन देशों में था जो सबसे पहले हमारे साथ खड़े हुए।”

उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव अंतरराष्ट्रीय समुदाय का स्पष्ट संदेश है कि संप्रभुता और नागरिकों पर हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यूएई के राजदूत ने कहा कि देश ने अब तक एक भी दिन कामकाज बंद नहीं किया है-स्कूल, अस्पताल और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से संचालित है और एक करोड़ से अधिक लोग सामान्य जीवन जी रहे हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत पवनेश

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