नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि एआई समिट में विरोध प्रदर्शन के मामले में पार्टी की युवा इकाई के पदाधिकारियों के खिलाफ जो धाराएं लगाई गई हैं वो पूरी तरह अनुचित हैं क्योंकि यह सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक विरोध का मामला है।
पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने यह भी कहा कि सत्ता या सरकार का विरोध करने का मतलब राष्ट्र-विरोध नहीं होता है।
सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम उस तरीके पर गहरी, व्यापक और गंभीर चिंता व्यक्त करते हैं जिस तरह से युवा कांग्रेस के लोगों के खिलाफ आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। यह राजनीतिक विरोध से ज्यादा कुछ नहीं था। यहां ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे संगठित हिंसा, भयावह इरादे, या सुनियोजित कृत्य के रूप में वर्णित किया जा सके।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का पूरी तरह से दुरुपयोग किया गया है।
सिंघवी का कहना था कि दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों के खिलाफ जिन धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं वे विरोध प्रदर्शन के मामले में लगाने योग्य ही नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रतिकूल परिस्थितियों में मजबूती से खड़े रहने के लिए भारतीय युवा कांग्रेस और कांग्रेस में अपने सहयोगियों की सराहना करते हैं। लगाई गई धाराएं पूरी तरह से अनुपयुक्त हैं। हमें विश्वास है कि न्यायपालिका इस लोकतांत्रिक गतिविधि पर समग्र दृष्टिकोण अपनाएगी। ‘आतंकवाद’ और ‘राष्ट्र-विरोधी’ जैसे शब्द यहां पूरी तरह से गलत हैं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को जितना अधिक सनसनीखेज बनाने और अपराधीकरण करने की कोशिश करेगी, उतना ही वह इन युवाओं की आवाज और उनके मुद्दों को और ताकत देगी।
भाषा हक
हक माधव
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