केंद्रीय मंत्री पाटिल ने किया दावा, राष्ट्र गीत को बाधित करने का किया गया प्रयास
केंद्रीय मंत्री पाटिल ने किया दावा, राष्ट्र गीत को बाधित करने का किया गया प्रयास
सूरत, 17 अगस्त (भाषा) सोनिया गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं वाले स्वतंत्रता दिवस के एक वीडियो को लेकर उपजे विवाद के बीच, केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने सोमवार को आरोप लगाया कि राष्ट्र गीत में बाधा डालने की कोशिश की गई, जिसे देश ने देखा।
उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर संसद की कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डालने और जरूरी कानूनों को पारित करने में देरी करने का भी आरोप लगाया।
सूरत में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सदस्य ने कहा, “विपक्ष का ध्यान रचनात्मक बहस करने के बजाय अशांति फैलाने और मीडिया का ध्यान खींचने पर ज्यादा था।”
भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान होने का आरोप लगाया है।
पाटिल ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की आलोचना करते हुए कहा, “बीच में बाधा डालने की कोशिश की गई और पूरे देश ने इसे देखा। देश में अहम पदों पर बैठे लोगों को राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान का अपमान करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।”
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक का बचाव करते हुए पाटिल ने कहा कि कुछ विदेशी ताकतों ने विघटनकारी गतिविधियों के लिए धन भेजकर भारत की आंतरिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि जब विधेयक पेश किया गया, तो विपक्ष ने रचनात्मक बहस करने के बजाय संसद में हंगामा किया, जिसके कारण इसे संसद की संयुक्त समिति के पास भेजना पड़ा।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने आरोप लगाया, “ऐसा लगता है कि कांग्रेस उस विधेयक में देरी करके किसी की मदद करने में ज्यादा दिलचस्पी ले रही थी।”
उन्होंने कहा कि संसदीय समिति में लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों के सदस्य होते हैं और यह एक “लघु-संसद” की तरह काम करती है, जहां दोनों सदनों को रिपोर्ट सौंपने से पहले विधेयक के सभी पहलुओं पर चर्चा की जा सकती है।
पाटिल ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई अहम विधेयक बिना किसी सार्थक चर्चा के और हंगामे के बीच पारित करने पड़े। इस तरह के शोर-शराबे के कारण पूरा सत्र बर्बाद हो गया और इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।”
संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की विपक्ष की मांग पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए पाटिल ने कहा कि दोनों नेता नियमित रूप से सदन में आते हैं और सवालों के जवाब देने तथा संबंधित चर्चाओं में हिस्सा लेने के लिए तैयार रहते हैं।
उन्होंने कहा, “विपक्ष मांग करता है कि वे (मोदी और शाह) मौजूद रहें, और जब वे आते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता।”
पाटिल ने कहा कि शाह ने विपक्ष को किसी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरे 24 घंटे का समय दिया था और उनसे कोई भी समय चुनने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
भाषा प्रशांत वैभव
वैभव

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