केंद्रीय मंत्रियों ने राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर लोक सेवकों को बधाई दी
केंद्रीय मंत्रियों ने राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर लोक सेवकों को बधाई दी
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने मंगलवार को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के अवसर पर लोक सेवकों को बधाई दी और नीतियों को लागू करने व शासन को मजबूत करने के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लोक सेवक ईमानदारी और लोक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर हमारे लोक सेवकों को बधाई। नीतियों को लागू करने, शासन को मजबूत करने और ईमानदारी के साथ नागरिकों की सेवा करने के प्रति उनका समर्पण राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह अवसर राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की प्रतिबद्धता को और मजबूत करे।’’
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोक सेवकों ने निरंतर समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन से लेकर शासन के ढांचे को मजबूत करने तक, लोक सेवकों ने ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन किया है। यह दिन राष्ट्र की सेवा करने के उनके संकल्प को और मजबूत करे।’’
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सिविल सेवा पेशेवरों को एक मजबूत भारत की रीढ़ बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “हम हम देश की प्रगति को दिशा देने वाले अपने सिविल सेवा पेशेवरों के समर्पण, ईमानदारी और अथक सेवा को सलाम करते हैं। शासन और जन कल्याण के प्रति आपकी प्रतिबद्धता विश्वास जगाती है और बदलाव को गति देती है।”
इस बीच, स्वयं भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के अधिकारी रह चुके केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत की सिविल सेवाओं के सदस्य देश के परिवर्तन में अपना योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस की शुभकामनाएं। भारत में सिविल सेवा से जुड़े लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ की दिशा में देश के अनुकरणीय परिवर्तन में अनुशासन, समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।”
भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा, “सरदार पटेल ने 1947 में इसी दिन परिवीक्षाधीन कर्मियों के पहले बैच को संबोधित किया था और हमारे वर्ग के लिए गर्व का क्षण था, जब पटेल ने उन्हें ‘भारत की रीढ़’ कहा था और जनता की सेवा करते हुए स्थिरता बनाए रखने व राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया था।”
केंद्र सरकार हर साल 21 अप्रैल को ‘सिविल सेवा दिवस’ के रूप में मनाती है। इस दिन लोक सेवक नागरिकों के हित के प्रति समर्पण और सार्वजनिक सेवा एवं कार्य में उत्कृष्टता को लेकर अपनी प्रतिबद्धताओं को दोहराते हैं।
भाषा खारी मनीषा वैभव
वैभव

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