छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में हंगामा, प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में हंगामा, प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लोकसभा में हंगामा, प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके
Modified Date: July 21, 2026 / 12:22 pm IST
Published Date: July 21, 2026 12:22 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक और इसके विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई और प्रश्नकाल एवं शून्यकाल नहीं हो सके।

मानसून सत्र के दूसरे दिन निचले सदन की बैठक शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया।

इसी दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगें उठाते हुए शोर-शराबा करने लगे।

बिरला ने आसन के पास नारेबाजी कर रहे विपक्षी दलों के सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। प्रश्नकाल के बाद उचित नियम प्रकियाओं के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर दिया जाएगा।’’

शोर-शराबे के बीच उन्होंने कार्यवाही कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्य आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने ‘न्याय दो’ और ‘इस्तीफा दो’ के नारे लगाए।

हंगामे के बीच ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए।

उन्होंने विपक्षी सदस्यों से नारेबाजी बंद कर सदन चलने देने की अपील की।

राय ने कहा, ‘‘अपने स्थान पर बैठें, कई सदस्यों का शून्यकाल है। क्या आपका व्यवहार उचित है? पूरा देश सदन की कार्यवाही देख रहा है। आप बैठिए। जिन विषयों पर चर्चा चाहते हैं, उन पर चर्चा कराई जाएगी।’’

उन्होंने हंगामा नहीं थमने पर दोपहर 12 बजकर नौ मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई और पहले दिन भी लोकसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

भाषा हक

हक वैभव

वैभव


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