Congress Leader Protest: राहुल गांधी ने अचानक बदल दी अपनी मांग! मंत्री जितेंद्र सिंह के सामने पहले इस बात पर भरी थी हामी, कुछ देर बाद कहा- हमें इस्तीफा भी चाहिए

राहुल गांधी ने अचानक बदल दी अपनी मांग! मंत्री जितेंद्र सिंह के सामने पहले इस बात पर भरी थी हामी, Congress Leader Protest Near PM House

Congress Leader Protest: राहुल गांधी ने अचानक बदल दी अपनी मांग! मंत्री जितेंद्र सिंह के सामने पहले इस बात पर भरी थी हामी, कुछ देर बाद कहा- हमें इस्तीफा भी चाहिए
Modified Date: July 21, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: July 21, 2026 6:40 pm IST

नई दिल्लीः Congress Leader Protest: पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के कई नेता दिल्ली में पीएम आवास के पास दोपहर करीब साढ़े 3 बजे से धरने पर बैठे हैं। इनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। कांग्रेस के प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत करने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे।

Congress Leader Protest: मंत्री जितेंद्र सिंह ने मुलाकात के बाद अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इत्यादि अकस्मात ही अकबर रोड़ के समीप एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये हैं। सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा के दृष्टिगत मुझे स्वंय और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से वार्ता करने हेतु मौके पर भेजा। राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है। राहुल गांधी जी ने यह मांग रखी कि यदि सरकार संसद में NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें। कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेत्रत्व की अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है।

मंत्री ने लिखा कि राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे अपितु उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं- संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गयी हैं। जब उनकों विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है। जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें। राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है। सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है। राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है।

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