यूएसटीएम की शुरुआत अलकायदा से जुड़े संगठन से मिले पैसों से हुई थी: हिमंत

यूएसटीएम की शुरुआत अलकायदा से जुड़े संगठन से मिले पैसों से हुई थी: हिमंत

यूएसटीएम की शुरुआत अलकायदा से जुड़े संगठन से मिले पैसों से हुई थी: हिमंत
Modified Date: January 25, 2026 / 07:35 pm IST
Published Date: January 25, 2026 7:35 pm IST

गुवाहाटी, 25 जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को आरोप लगाया कि निजी स्वामित्व वाली ‘यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मेघालय’ (यूएसटीएम) की शुरुआत उस धन से हुई थी, जो आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े एक संगठन से आया था।

मुख्यमंत्री ने असम के सनातनी लोगों से गुवाहाटी के पास स्थित इस विश्वविद्यालय में दाखिला न कराने और इसे ‘‘संरक्षण देना बंद करने’’ का आग्रह किया।

दिल्ली पुलिस द्वारा फर्जी राजनयिक पंजीकरण प्लेट वाले वाहन का उपयोग करने के आरोप में गुवाहाटी की एक महिला को पकड़े जाने पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर शर्मा ने कहा, ‘‘मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि यूएसटीएम धोखाधड़ी की जगह है। अब, जब इस महिला को गिरफ्तार किया गया है, तो विश्वविद्यालय की वेबसाइट से उसका विवरण हटा दिया गया है।’’

गिरफ्तार महिला कथित तौर पर यूएसटीएम से जुड़ी थी, लेकिन विश्वविद्यालय की वेबसाइट से उसके विवरण वाला लिंक हटा दिया गया है।

शर्मा ने पूर्व में गुवाहाटी के खिलाफ ‘‘बाढ़ जिहाद’’ के लिए यूएसटीएम और इसके चांसलर महबूब-उल-हक को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने असम के लोगों से इस संस्थान और इसके मालिक का ‘‘समर्थन’’ करने से बचने को कहा।

उन्होंने दावा किया कि जिस पैसे से हक ने यूएसटीएम की स्थापना की थी, वह अलकायदा से संबंध रखने वाले एक संगठन से आया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पास इस बारे में पूरी जानकारी है। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि हमें यूएसटीएम को संरक्षण देना बंद कर देना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं असम के सनातनी समाज के लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे यूएसटीएम में पढ़ाई न करें। इसके द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र अप्रासंगिक हो सकते हैं।’’

भाषा नोमान नेत्रपाल

नेत्रपाल


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