उप्र: कड़ाके की ठंड के बीच संगम में आस्था की डुबकी, नववर्ष में प्रमुख तीर्थों पर उमड़े श्रद्धालु

उप्र: कड़ाके की ठंड के बीच संगम में आस्था की डुबकी, नववर्ष में प्रमुख तीर्थों पर उमड़े श्रद्धालु

उप्र: कड़ाके की ठंड के बीच संगम में आस्था की डुबकी, नववर्ष में प्रमुख तीर्थों पर उमड़े श्रद्धालु
Modified Date: January 1, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: January 1, 2026 4:53 pm IST

प्रयागराज/मिर्जापुर/वाराणसी/अयोध्या (उप्र), एक जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद बृहस्पतिवार को हजारों श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर नए साल की शुरुआत की और राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।

सुबह से ही श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर पूजा-अर्चना करने और स्नान के लिए जुटे। घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार उद्घोषणाएं की जाती रहीं।

पत्नी और बेटे के साथ आए बृजेश केसरवानी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि उन्होंने नए साल में अपने परिवार की खुशी के लिए प्रार्थना की। उनकी पत्नी राखी केसरवानी ने कहा कि उन्होंने साल के पहले दिन परिवार में खुशी और सद्भाव की कामना की।

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घाट पर डुबकी लगाने को तैयार खड़े एक अन्य श्रद्धालु कुलदीप यादव ने कहा कि वह शांतिपूर्ण वर्ष के लिए गंगा का आशीर्वाद लेने आए हैं।

मिर्जापुर में जिला प्रशासन ने नववर्ष के पहले दिन 1.5 से दो लाख श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए विंध्याचल धाम में विशेष व्यवस्थाएं की थीं।

अधिकारियों ने बताया कि सुचारू दर्शन सुनिश्चित करने के लिए दिनभर देवी के चरण स्पर्श पर प्रतिबंध लगाया गया।

श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर हीटर व अलाव की व्यवस्था की गई थी, जबकि बुनियादी सुविधाओं से युक्त रात्रि विश्रामगृह भी स्थापित किए गए थे। मंदिर परिसर, गंगा घाटों और प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई तथा भीड़ प्रबंधन व आपात प्रतिक्रिया के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि श्रद्धालुओं को बिना परेशानी शीघ्र दर्शन मिल सकें, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि लंबी कतारों को व्यवस्थित तरीके से प्रबंधित किया जा रहा है ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे।

इस बीच, वाराणसी जंक्शन शनिवार से शुरू होने वाले माघ मेले से पहले यात्रियों की बढ़ती संख्या के लिए तैयार हो रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए व्यापक उपाय किए गए हैं।

यह मेला 15 फरवरी यानी 44 दिनों तक जारी रहेगा।

स्टेशन प्रबंधक अर्पित गुप्ता ने कहा कि अनुमानित भीड़ को देखते हुए स्टेशन पर ‘होल्डिंग एरिया’ बनाया गया है। अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही, 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत किया गया है तथा 24 घंटे स्टेशन की निगरानी के लिए 120 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। माघ मेले के दौरान वाराणसी जंक्शन से पांच विशेष ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।

अयोध्या में भी सुबह से राम मंदिर और सरयू घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कहा कि वे रामलला के दर्शन के साथ नए साल की शुरुआत के लिए संकल्पित हैं।

महिला श्रद्धालु नंदिनी जोशी ने भारी भीड़ के बावजूद सुचारू व्यवस्थाओं के लिए मंदिर प्रशासन की सराहना की और मंदिर को भव्य बताया।

एक अन्य श्रद्धालु सरोज पटेल ने कहा कि दर्शन के बाद उन्हें आध्यात्मिक शांति मिली।

मुंबई निवासी सरोज पटेल ने अयोध्या में हाल के वर्षों में हुए बदलावों का श्रेय केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को दिया।

मथुरा और वृंदावन में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है, जहां लोगों ने बांके बिहारी और राधा रानी मंदिर समेत प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की।

इससे पहले, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा था कि मंदिरों, बाजारों, मॉल और सैर-सपाटा वाले स्थलों पर भीड़ बढ़ने के मद्देनजर 31 दिसंबर और एक जनवरी को पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारी और कर्मी लगातार तैनात हैं।

भाषा सं जफर

मनीषा खारी

खारी


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