उत्तराखंड: मसूरी में मजार को नुकसान पहुंचाने के मामले में 25 से 30 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उत्तराखंड: मसूरी में मजार को नुकसान पहुंचाने के मामले में 25 से 30 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
देहरादून, 25 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड के मसूरी में एक निजी स्कूल की भूमि पर बनी 100 साल से अधिक पुरानी सईद बाबा बुल्लेशाह की मजार को शरारती तत्वों ने कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि शनिवार देर शाम हुई इस घटना के संबंध में 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले मामले की जांच शुरू कर दी गयी।
पर्यटन नगरी के नाम से मशहूर मसूरी के वाइनवर्ग एलेन स्टेट में हुई इस घटना में कथित असामाजिक तत्वों ने मजार के आसपास बनी संरचनाओं को भी तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
सईद बाबा बुल्लेशाह समिति ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, स्थानीय नागरिक अकरम खान ने मसूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि बाबा बुल्लेशाह की मजार में अज्ञात लोगों ने हथौड़े और सब्बल के साथ घुसकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इन लोगों ने मजार में रखी धार्मिक किताबों को भी नुकसान पहुंचाया और धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया।
पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न समुदायों के बीच घृणा या शत्रुता को बढ़ावा देने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(बी) तथा 298 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित घटना से जुड़े वीडियो में कुछ लोग धार्मिक नारे लगाते हुए मजार को तोड़ते नजर आ रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि वीडियो की भी जांच की जा रही है।
मजार का प्रबंधन करने वाली सईद बाबा बुल्लेशाह समिति ने भी घटना के संबंध में पुलिस को एक शिकायत सौंपी है।
समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल द्वारा दी गयी इस शिकायत में कहा गया कि निजी भूमि पर स्थित 100 साल से अधिक पुरानी मजार को क्षतिग्रस्त करने के अलावा वहां रखा दानपात्र, चांदी के मुकुट तथा चिराग और दीए भी चोरी कर लिए गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मसूरी व आसपास के लोगों की मजार में बहुत आस्था है और यहां सभी समुदायों के लोग आते हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ दिन पहले मजार को क्षति पहुंचाने की धमकी भी दी गयी थी।
समिति ने पुलिस से इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की ताकि मसूरी का सौहार्द बना रह सके।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
जितेंद्र


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