Vaishno Devi Silver Scam : सावधान! वैष्णो देवी में जिसे आप चांदी समझकर चढ़ा रहे, उसका खौफनाक सच आया सामने, 500 करोड़ का हो गया ‘घपला’

माता वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि भारी मात्रा में चढ़ाई गई चांदी असली नहीं, बल्कि जहरीली धातुओं का मिश्रण निकली।

Vaishno Devi Silver Scam : सावधान! वैष्णो देवी में जिसे आप चांदी समझकर चढ़ा रहे, उसका खौफनाक सच आया सामने, 500 करोड़ का हो गया  ‘घपला’

Vaishno Devi Silver Scam / Image Source : FILE

Modified Date: April 21, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: April 21, 2026 6:42 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मंदिर के चढ़ावे में मिली ‘नकली चांदी’, जांच में बड़ा खुलासा।
  • 20 टन में सिर्फ 5-6% ही निकली असली चांदी।
  • कैडमियम जैसी जहरीली धातु की मौजूदगी से बढ़ी चिंता।

नई दिल्ली : Vaishno Devi Silver Scam जम्मू-कश्मीर स्थित विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। सरकारी टकसाल (Mint) की जांच में सामने आया है कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए करीब 20 टन चांदी के आभूषण और सिक्के असली नहीं, बल्कि लोहे और जहरीली कैडमियम धातु के मिश्रण हैं। श्राइन बोर्ड जिस खजाने की कीमत 550 करोड़ रुपये मान रहा था, वह जांच के बाद महज 30 करोड़ रुपये का निकला।

70 किलो में सिर्फ 3 किलो ही शुद्ध चांदी

श्राइन बोर्ड ने मंदिर में जमा 20 टन चांदी को गलाने और सुरक्षित रखने के लिए सरकारी टकसाल भेजा था। बोर्ड को उम्मीद थी कि इससे भारी मात्रा में शुद्ध चांदी मिलेगी , लेकिन रिपोर्ट चौंकाने वाली रही। Fake Silver Offering Vaishno Devi 20 टन के इस ढेर में से असली चांदी केवल 5 से 6 प्रतिशत ही निकली। आसान शब्दों में कहें तो, जब 70 किलो चांदी के लॉट को जांचा गया, तो उसमें शुद्ध चांदी महज 3 किलो ही पाई गई। बाकी का हिस्सा लोहा और कैंसर पैदा करने वाला कैडमियम था।

Mata Vaishno Devi News जहरीली धातु कैडमिय का खतरा

जांच में सबसे डरावना पहलू यह रहा कि चांदी के नाम पर चढ़ाए गए इन गहनों में भारी मात्रा में कैडमियम मिलाया गया था। यह धातु बेहद जहरीली होती है और इसे गलाने पर निकलने वाला धुआं फेफड़ों, किडनी को नुकसान पहुँचाने के साथ कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसी खतरे को देखते हुए सरकारी टकसाल के कर्मचारियों ने इसे गलाने से मना कर दिया था। बाद में प्रशासन को कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए 25 लाख रुपये के स्पेशल सेंसर और सुरक्षा उपकरण खरीदने पड़े।

लोकल दुकानदारों पर शक और कार्रवाई की मांग

हैरानी की बात यह है कि तिरुपति और सिद्धिविनायक जैसे बड़े मंदिरों के चढ़ावे में ऐसी मिलावट नहीं देखी गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कटरा और वैष्णो देवी मार्ग के आसपास के दुकानदार भोले-भाले भक्तों को चांदी के नाम पर लोहे और कैडमियम से बनी नकली ज्वेलरी बेच रहे हैं।

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