शुक्र और बृहस्पति की युति: नेहरू तारामंडल नौ जून को विशेष अवलोकन कार्यक्रम आयोजित करेगा
शुक्र और बृहस्पति की युति: नेहरू तारामंडल नौ जून को विशेष अवलोकन कार्यक्रम आयोजित करेगा
नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) आकाश में नौ जून को शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे और ग्रहों की युति कहलाने वाली इस आकर्षक खगोलीय घटना के अवलोकन के लिए नेहरू तारामंडल यहां तीन मूर्ति भवन के सामने के मैदान में विशेष सत्र आयोजित करेगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) के तहत आने वाले तारामंडल ने एक बयान में बताया कि सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में बृहस्पति को करीब 12 साल लगते हैं जबकि शुक्र अपनी परिक्रमा लगभग 224 दिन में पूरी करता है। इसी वजह से इन दोनों ग्रहों की युति लगभग हर 10 से 15 महीने में होती है।
बयान के अनुसार, इससे पहले शुक्र एवं बृहस्पति की युति 12 अगस्त 2025 को देखी गई थी।
इसमें बताया गया है कि शुक्र और बृहस्पति की युति कोई असामान्य घटना नहीं है लेकिन यह बिना दूरबीन की मदद से देखी जा सकने वाली सबसे आकर्षक खगोलीय घटनाओं में से एक होती है।
अधिकारियों ने कहा कि ग्रहों का यह खगोलीय मिलन पूरे भारत में बिना किसी उपकरण के आसानी से दिखाई देगा लेकिन दूरबीन या टेलीस्कोप से देखने पर इसका दृश्य और भी प्रभावशाली हो सकता है।
बयान में कहा गया कि इस खगोलीय घटना के अवसर पर दिल्ली का नेहरू तारामंडल तीन मूर्ति भवन के सामने के मैदान में नौ जून को शाम साढ़े सात बजे से आम लोगों के लिए निशुल्क आकाश-अवलोकन सत्र आयोजित करेगा।
बयान में कहा गया, ‘‘यदि मौसम और आकाश की स्थिति अनुकूल रहती है तो यह युति लगभग रात साढ़े आठ बजे तक दिखाई देगी। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों को इस विशेष अवलोकन सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।’’
इस आकर्षक खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी से दिखाई देने वाले दो सबसे चमकीले ग्रह-शुक्र और बृहस्पति-एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे।
भाषा सिम्मी माधव
माधव

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