विहिप राजनीतिक हित के लिए हिंदू समाज को भावनात्मक रूप से गुमराह करना चाहती है: कांग्रेस

विहिप राजनीतिक हित के लिए हिंदू समाज को भावनात्मक रूप से गुमराह करना चाहती है: कांग्रेस

विहिप राजनीतिक हित के लिए हिंदू समाज को भावनात्मक रूप से गुमराह करना चाहती है: कांग्रेस
Modified Date: July 5, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: July 5, 2026 10:28 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के बारे में कई विपक्षी नेताओं के दावों को लेकर अयोध्या पुलिस को पत्र लिखने के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर तीखा हमला किया।

कांग्रेस का आरोप है कि संगठन का एकमात्र मकसद अपने राजनीतिक फायदे के लिए हिंदू समाज को ‘भावनात्मक रूप से गुमराह’ करना है।

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की ‘चोरी’ को लेकर हर दिन नए आरोप और नए सबूत सामने आ रहे हैं।

खेड़ा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ‘‘आज विश्व हिंदू परिषद के आलोक कुमार ने जांच अधिकारी को पत्र लिखकर मांग की कि चोरी के सबूत प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और राम गोपाल यादव से मांगे जाएं।’’

उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि चोरी एक पक्ष करे और सबूत दूसरे पक्ष से मांगे जाएं।

खेड़ा ने कहा, ‘‘सच तो यह है कि उनकी चोरों को पकड़ने की कोई असली मंशा नहीं है। हमेशा की तरह, उनका एकमात्र मकसद अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए हिंदू समाज को भावनात्मक रूप से गुमराह करना है।’’

विहिप की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू समुदाय का ठेकेदार बनना बंद कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें अपने संगठनों से ‘हिंदू’ शब्द हटा देना चाहिए और फिर चाहे जितनी चोरियां करें। हिंदू समुदाय का नाम खराब न करें और उनकी आड़ में अपनी दुकानें चलाना बंद करें।’’

खेड़ा ने कहा, ‘‘आपकी मंशा चोरी का पता लगाने या चोरों को पकड़ने की नहीं है; आपकी मंशा वही है जो मंदिर बनने से पहले थी-हिंदू समुदाय को भावनात्मक रूप से गुमराह करना और फिर उन्हें लूटना, उनसे वोट हथियाना और अब उनसे पैसे भी ऐंठना।’’

विहिप ने अयोध्या पुलिस को पत्र लिखकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं के उन दावों की जांच करने को कहा है, जिनमें राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की बात कही गई है। साथ ही विहिप ने कहा है कि इन नेताओं को तलब करके आरोपों को साबित करने के लिए कहा जाए।

आरएसएस से जुड़ी इस संस्था ने मांग की है कि अगर यह पाया जाता है कि उन्होंने ‘नफरत, दुर्भावना और दुश्मनी’ की भावना पैदा करने और उसे बढ़ावा देने के मकसद से ‘बेबुनियाद आरोप’ लगाए हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मामले की जांच कर रहे अयोध्या के पुलिस उपाधीक्षक आशुतोष तिवारी को चार जुलाई को लिखे एक पत्र में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि इन नेताओं ने खास आरोप लगाए हैं, जिन्हें टेलीविजन चैनलों, सोशल मीडिया मंच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिये बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया।

कुमार ने कहा कि नेताओं ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए हैं और यहां तक ​​कि निश्चित आंकड़े भी बताए हैं, जिनमें 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम से जुड़े आरोप भी शामिल हैं।

पत्र में कहा गया, ‘‘ऊपर बताए गए और अन्य लोगों के आरोपों से ऐसा लगता है कि उन्हें मामले के तथ्यों और हालात की जानकारी है।’’

उनके सार्वजनिक बयानों का जिक्र करते हुए कुमार ने कहा कि प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि क्या केवल कनिष्ठ कर्मचारी ही सीसीटीवी कैमरे बंद कर सकते थे और हजारों करोड़ रुपये के चढ़ावे में हेर-फेर कर सकते थे, या फिर इसमें प्रभावशाली लोग शामिल हैं।

कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भगवान राम की माला, चरण-पादुका, हीरे, गहने, चांदी की ईंटें और दीयों के अलावा लगभग 200 करोड़ रुपये नकद चोरी हुए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस, पवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की चुप्पी पर सवाल उठाया।

पत्र में समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव और आप सांसद संजय सिंह के उन सार्वजनिक बयानों का भी जिक्र किया गया, जिनमें मंदिर में दान किए गए नकद और कीमती सामान की ‘चोरी’ की बात कही गई थी।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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