विक्रमजीत साहनी ने मुझे ‘आजाद समूह’ में शामिल होने के लिए कहा था लेकिन मैंने मना कर दिया: सीचेवाल
विक्रमजीत साहनी ने मुझे ‘आजाद समूह’ में शामिल होने के लिए कहा था लेकिन मैंने मना कर दिया: सीचेवाल
चंडीगढ़, 26 अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी के सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को दावा किया कि राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने उनसे ‘‘आजाद समूह’’ में शामिल होने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।
साहनी शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों में से एक हैं।
पंजाब से ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य एवं एक प्रमुख पर्यावरणविद् सीचेवाल ने भी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी से सात सांसदों के ‘‘अचानक इस्तीफे’’ पर दुख व्यक्त किया और कहा कि जिस पार्टी ने उन्हें पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए उच्च सदन में भेजा उसी के साथ उन्होंने ‘‘बेवफाई’’ की।
शुक्रवार को आप को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात – राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी पर उसके सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक मूल्यों से भटकने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय कर लिया।
आप से इस्तीफा देने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से थे।
सीचेवाल ने दावा किया कि उन्हें शुक्रवार सुबह साहनी का फोन आया था जिसमें उन्होंने उन्हें एक नए गुट में शामिल होने के लिए कहा था जिसमें राज्यसभा के छह से सात सदस्य पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं।
सीचेवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘साहनी ने मुझे बताया कि पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए एक ‘आजाद समूह’ बनाया जा रहा है। लेकिन मैंने उन्हें साफ-साफ कह दिया कि मेरा इस समूह में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।’’
पर्यावरणविद ने आगे बताया कि बाद में उन्हें मीडिया के माध्यम से पता चला कि सात सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है और भाजपा में शामिल हो गए हैं।
सीचेवाल ने दोहराया कि आप ने उन्हें संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने के लिए राज्यसभा भेजा था। उन्होंने कहा, ‘‘जिस पार्टी ने उन्हें उच्च सदन में भेजा था, उसके प्रति उनकी जिम्मेदारी थी और उन्हें उसे निभाना चाहिए था। लेकिन उन्होंने आप के साथ बेवफाई की है।’’
उन्होंने राघव चड्ढा और संदीप पाठक के इस कदम पर हैरानी जताते हुए सीचेवाल ने कहा कि पंजाब में इन दोनों ने ‘‘सभी शक्तियों का दुरुपयोग’’ किया है।
सीचेवाल ने यह भी दावा किया कि उन्हें उच्च सदन में किसी भी विधेयक पर बोलने की अनुमति कभी नहीं दी गई क्योंकि हमेशा चड्ढा और पाठक ही बोलते थे।
राज्यसभा के लिए 2022 में पंजाब से निर्विरोध निर्वाचित हुए सीचेवाल ने दावा किया, ‘‘मैंने केवल शून्यकाल के दौरान या संसद में विशेष उल्लेख के माध्यम से ही मुद्दे उठाए।’’
भाषा सुरभि रंजन
रंजन

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