मणिपुर के कांगपोकपी में जंगल के भीतर चौकीदार की गोली मारकर हत्या
मणिपुर के कांगपोकपी में जंगल के भीतर चौकीदार की गोली मारकर हत्या
इंफाल, आठ जून (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार को एक जंगल के भीतर 57 वर्षीय ग्राम रक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना उनके लकड़ी बीनने के लिए जंगल जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नगा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले यह व्यक्ति सुबह पास के जंगलों में गये थे।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि गोलियों की आवाज सुनने के बाद ग्रामीण और पुलिसकर्मी चुंगजाबगलुंग कामुगा पनमेई की तलाश में निकले। जंगल में उनका शव मिला, जिस पर सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गोली लगने के निशान थे।
यह गांव लोइबोल खुलेन के पास स्थित है, जहां पांच जून को हुए एक बंदूक हमले में एक महिला सहित तीन नागरिकों की मौत हो गई थी।
इस बीच, ‘नगा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन’ (एनपीओ) ने दावा किया कि पनमेई एक स्वयंसेवक के रूप में ग्राम रक्षक की सेवा दे रहे थे। संगठन ने इसे ‘निर्मम हत्या’ करार दिया।
एनपीओ ने एक बयान में आरोप लगाया कि उनकी हत्या किसी अपराध के लिए नहीं की गई, बल्कि उन्हें केवल उनकी नगा पहचान के कारण निशाना बनाया गया है।
संगठन ने संबंधित अधिकारियों से इस घटना की तुरंत और समयबद्ध जांच शुरू करने तथा हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द से जल्द पकड़ने की अपील की है।
मणिपुर में घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 से जारी जातीय हिंसा में कम से कम 260 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
लगातार जारी जातीय संघर्ष और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जिसे करीब एक साल बाद चार फरवरी को हटाया गया।
भाषा सुमित माधव
माधव

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