बेंगलुरु में बारिश से उपजी जलभराव की स्थिति बरकरार

बेंगलुरु में बारिश से उपजी जलभराव की स्थिति बरकरार

बेंगलुरु में बारिश से उपजी जलभराव की स्थिति बरकरार
Modified Date: November 29, 2022 / 07:51 pm IST
Published Date: September 6, 2022 11:42 am IST

बेंगलुरु, छह सितंबर (भाषा) बेंगलुरु के विभिन्न स्थानों पर पांच सितंबर की रात को हुई भारी बारिश के कारण उपजी स्थिति मंगलवार को भी कमोबेश वैसी ही बनी रही। सड़कों पर जलभराव है तथा घर और वाहन आंशिक रूप से जलमग्न हैं।

आज सुबह शहर के येमालूर, रेनबो ड्राइव लेआऊट, सन्नी ब्रुक्स लेआऊट, मराठाहल्ली और अन्य स्थानों पर नाव और ट्रैक्टर से लोग कार्यालय या बच्चे स्कूल जाते नजर आए।

स्कूली यूनिफॉर्म पहने एक छात्रा ने कहा, “मैं ट्रैक्टर से आई क्योंकि सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। हमारे वाहन भी जलमग्न हैं। कल से मेरी परीक्षा है इसलिए मुझे स्कूल जाना है।”

कार्यालय जाने वाले एक व्यक्ति ने कहा, “पानी निकला नहीं है क्योंकि बीती रात (सोमवार को) फिर से बारिश हुई। असल में मुझे लगता है कि पानी बढ़ गया है। मुझे कार्यालय जाना है, बच्चों को स्कूल जाना है और मैंने आज किसी तरह ट्रैक्टर का सहारा लिया। सरकार से अनुरोध है कि वे कुछ करें ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।”

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के अनुसार, राज्य की राजधानी के कुछ क्षेत्रों में एक सितंबर से पांच सितंबर के बीच सामान्य से 150 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। महादेवपुरा, बोम्मनहल्ली और के. आर. पुरम में 307 प्रतिशत ज्यादा वर्षा हुई।

उन्होंने कहा, “पिछले 42 साल में हुई यह सबसे ज्यादा बारिश थी। बेंगलुरु के सभी 164 टैंक लबालब भरे हैं।” कई निजी स्कूलों ने अवकाश घोषित कर दिया है और कुछ दिनों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित होंगी जबकि बहुत से कार्यालयों ने कर्मियों को घर से काम करने की अनुमति दी है।

आउटर रिंग रोड और सरजापुर रोड के ज्यादातर इलाके, जहां आईटी कंपनियों के कार्यालय हैं, वहां यातायात प्रभावित हुआ।

बोम्मई ने सोमवार रात को वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों की एक बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि बेंगलुरु में बारिश से उपजी वर्तमान स्थिति से निपटने और मूलभूत ढांचे में सुधार के लिए तीन सौ करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से बेंगलुरु के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक कंपनी स्थापित करने के वास्ते साढ़े नौ करोड़ रुपये जारी किये गए हैं।

भाषा यश मनीषा

मनीषा


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