हम अब ‘इंडिया’ का हिस्सा नहीं, भविष्य में भाजपा विरोधी गठबंधन बनना संभव : द्रमुक

हम अब ‘इंडिया’ का हिस्सा नहीं, भविष्य में भाजपा विरोधी गठबंधन बनना संभव : द्रमुक

हम अब ‘इंडिया’ का हिस्सा नहीं, भविष्य में भाजपा विरोधी गठबंधन बनना संभव : द्रमुक
Modified Date: June 8, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: June 8, 2026 8:15 pm IST

चेन्नई, आठ जून (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने सोमवार को कहा कि वह अब विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का हिस्सा नहीं है और भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी गठबंधन आकार ले सकता है।

द्रमुक प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ‘इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया)’ से अलग होने का फैसला कांग्रेस के कारण लिया गया था।

उन्होंने दावा किया कि कई पार्टियां पहले ही गठबंधन से किनारा कर चुकी हैं, जिसके चलते द्रमुक को भी इसी तरह का रास्ता अपनाना पड़ा।

एलंगोवन ने कहा, “(तमिलनाडु में) हमारे तीन सहयोगी दल (कांग्रेस, आईयूएमएल और वीसीके) अब तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार का हिस्सा हैं। इसका मतलब है कि हम (द्रमुक) अब ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। आम आदमी पार्टी (आप) पहले ही अलग हो चुकी है और अब हम भी उस गठबंधन में शामिल नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि द्रमुक एक नीति-उन्मुख पार्टी है, हालांकि भाजपा का विरोध करने के मामले में उसके अन्य पार्टियों के साथ कुछ साझा लक्ष्य हो सकते हैं।

एलंगोवन ने कहा कि द्रमुक स्वतंत्र रूप से काम करेगी और भविष्य के फैसले गठबंधन के सामूहिक निर्देशों के बजाय पार्टी की राज्य स्तरीय समिति की बैठकों के आधार पर लिए जाएंगे।

द्रमुक प्रवक्ता ने दावा किया कि “भविष्य में एक मजबूत, धर्मनिरपेक्ष और भाजपा विरोधी गठबंधन आकार ले सकता है।” उन्होंने कहा कि द्रमुक दिल्ली में अन्य विपक्षी दलों की ओर से लिए गए फैसलों पर नजर रखेगी, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि समर्थन के लिए कोई साझा आधार है या नहीं।

इस बीच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव वीरपांडियन ने राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हमारा मानना है कि सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी द्रमुक को ‘इंडिया’ गठबंधन में बने रहना चाहिए। (तमिलनाडु में) द्रमुक नीत गठबंधन में शामिल कुछ पार्टियां अलग होकर टीवीके सरकार का हिस्सा बन गई हैं, जबकि हम उन्हें (टीवीके सरकार) बाहर से समर्थन दे रहे हैं।”

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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