पश्चिम एशिया संघर्ष को विश्व युद्ध में तब्दील नहीं होने देना चाहिए : राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख
पश्चिम एशिया संघर्ष को विश्व युद्ध में तब्दील नहीं होने देना चाहिए : राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख
(कोमल शर्मा)
नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख वी. शांता कुमारी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं और इसे विश्व युद्ध में तब्दील नहीं होने देना चाहिए।
कुमारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि युद्ध केवल पीड़ा लाते हैं। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र की स्थिति को व्यापक वैश्विक संघर्ष में तब्दील नहीं होने देना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में जो कुछ हो रहा है वह पूरी दुनिया के लिए अच्छा नहीं है। हम कभी नहीं चाहते कि यह संघर्ष विश्व युद्ध जैसी किसी भयावह स्थिति में बदल जाए।’’
वर्ष 1936 में स्थापित राष्ट्र सेविका समिति, पुरुषों के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समानांतर एक महिला संगठन के रूप में कार्य करती है।
शांता कुमारी ने कुछ देशों में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार के बारे में भी बात की, जिसमें ईरान और तालिबान शासन के तहत महिलाओं द्वारा सामना की जानी वाली पाबंदियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को नियंत्रित नहीं किया जाना चाहिए या ‘‘कठपुतली’’ की तरह नहीं समझा जाना चाहिए।
शांता कुमारी ने कहा, ‘‘महिलाओं को सम्मान दिया जाना चाहिए। उनके साथ बुरा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए और न ही उन्हें किसी भी तरह नियंत्रित किया जाना चाहिए। अगर महिलाओं को किसी के हाथों की कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया जाता है, तो हमें इसका विरोध करना चाहिए।’’
राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में महिलाओं की गरिमा और उन्हें स्वतंत्रता से वंचित करने को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
भाषा शफीक सुभाष
सुभाष

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