प.बंगाल : अभिषेक बनर्जी के आवास, कार्यालय के बाहर से अतिरिक्त पुलिस हटायी गयी
प.बंगाल : अभिषेक बनर्जी के आवास, कार्यालय के बाहर से अतिरिक्त पुलिस हटायी गयी
(तस्वीर सहित)
कोलकाता, छह मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता में हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास और कैमक स्ट्रीट कार्यालय के बाहर से अतिरिक्त पुलिस तैनाती हटा ली गई है। क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था समीक्षा किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
हालांकि, उनकी मौजूदा सुरक्षा श्रेणी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उन्हें अब भी ‘जेड प्लस’ श्रेणी की पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र प्रबंधन से जुड़ी तैनाती को हटाने का फैसला बुधवार सुबह नए निर्देशों के बाद लागू हुआ।
उनके हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास के सामने फुटपाथ पर एक ‘सिजर बैरिकेड’ लगा हुआ दिखाई दिया, लेकिन वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
एक अधिकारी ने बताया कि बाद में, पुलिस वैन आईं और उनके आवास के गेट के अंदर से कुर्सियां, बैरिकेड और यहां तक कि एक सामान स्कैनर भी ले गईं। अधिकारी ने बताया कि आवास के बाहर बने पुलिस बूथ और शेड को अभी तक हटाया नहीं गया है, लेकिन जल्द ही हटाए जाने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, पहले की व्यवस्था में तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव के कहीं भी जाने से पहले पुलिसकर्मियों द्वारा मार्ग की जांच की जाती थी।
सूत्रों ने संकेत दिया कि हालांकि, संशोधित व्यवस्था के तहत अब अभिषेक बनर्जी की आवाजाही से पहले कोई पुलिस वाहन मार्ग की अग्रिम जांच या यातायात की सुगमता सुनिश्चित नहीं करेगा।
स्थानीय निवासियों ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें वर्षों तक आवागमन पर पाबंदियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि एसपी मुखर्जी रोड पर भीड़भाड़ से बचने के लिए हरीश मुखर्जी रोड का व्यापक रूप से वाहनों द्वारा उपयोग किया जाता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण आवास के पास का एक बड़ा हिस्सा घिरा हुआ था।
एक स्थानीय निवासी ने कहा कि वह सुरक्षा व्यवस्था हटते हुए देखने आई थीं और दावा किया कि यह व्यवस्था करदाताओं के पैसों से चल रही थी।
निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के प्रवेश मार्ग पर लगाया गया ‘ सिजर बैरिकेड’ भी मंगलवार को हटा दिया गया।
‘सिजर बैरिकेड’ धातु का, मुड़ने वाला एक सुरक्षा अवरोधक होता है, जिसका उपयोग पुलिस किसी सड़क, गली या भवन में प्रवेश को नियंत्रित या प्रतिबंधित करने के लिए करती है। यह कैंची की तरह खुलता और बंद होता है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया है।
भाषा अमित नरेश
नरेश

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