पश्चिम बंगाल सरकार ने सीबीआई जांच के लिए सामान्य सहमति सात साल बाद बहाल की

पश्चिम बंगाल सरकार ने सीबीआई जांच के लिए सामान्य सहमति सात साल बाद बहाल की

पश्चिम बंगाल सरकार ने सीबीआई जांच के लिए सामान्य सहमति सात साल बाद बहाल की
Modified Date: June 8, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: June 8, 2026 8:43 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों (सीपीएसयू) के कर्मचारियों से जुड़े मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के लिए सामान्य सहमति सोमवार को बहाल कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल के गृह एवं पर्वतीय कार्य विभाग ने सोमवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीई) अधिनियम, 1946 की धारा छह के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ‘‘राज्य में केंद्र सरकार एवं सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों के कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों (चाहे वे अलग से कार्य कर रहे हों या केंद्र सरकार और केंद्र सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हों) द्वारा कथित तौर पर किए गए अपराधों की जांच के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (सीबीआई) के सदस्यों की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के विस्तार को अपनी सहमति देती है।’’

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई डीएसपीई अधिनियम के तहत काम करती है। इस अधिनियम के तहत उसे किसी राज्य की क्षेत्रीय सीमा के भीतर अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने और अपराधों की जांच करने से पहले संबंधित राज्य सरकार की पूर्व सहमति जरूरी होती है।

उन्होंने बताया कि यह सहमति सामान्य हो सकती है जिसके तहत सीबीआई राज्य के क्षेत्र में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी मामले की जांच कर सकती है या यह सहमति विशिष्ट हो सकती है जो किसी खास मामले में दी जाती है।

अधिसूचना में कहा गया है कि यह सहमति इस शर्त के अधीन होगी कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा नियंत्रित लोक सेवकों से संबंधित मामलों में राज्य सरकार की पूर्व लिखित अनुमति के बिना ऐसी कोई जांच नहीं की जाएगी।

इसमें कहा गया है, ‘‘किसी अन्य अपराध के लिए पूर्व में दी गई सभी सामान्य सहमतियां और किसी अन्य अपराध के लिए मामले-दर-मामले के आधार पर राज्य सरकार द्वारा दी गई सहमति भी प्रभावी बनी रहेगी। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी।’’

पश्चिम बंगाल में नवंबर 2018 में तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य में जांच और छापे मारने के लिए सीबीआई को दी गई ‘सामान्य सहमति’ वापस ले ली थी।

इससे पहले 1989 में तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार द्वारा सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति के तहत केंद्रीय एजेंसी राज्य सरकार से अलग से अनुमति लिए बिना केंद्र सरकार और सीपीएसयू कर्मचारियों के खिलाफ कोई भी जांच कर सकती थी।

भाषा सिम्मी नरेश

नरेश


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