पश्चिम बंगाल: उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शुभेंदु अधिकारी को संदेशखालि जाने की अनुमति दी

पश्चिम बंगाल: उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शुभेंदु अधिकारी को संदेशखालि जाने की अनुमति दी

पश्चिम बंगाल: उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शुभेंदु अधिकारी को संदेशखालि जाने की अनुमति दी
Modified Date: February 20, 2024 / 12:25 pm IST
Published Date: February 20, 2024 12:25 pm IST

कोलकाता, 20 फरवरी (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को संदेशखालि गांव का दौरा करने की अनुमति दी। संदेशखालि में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ नेताओं द्वारा यौन उत्पीड़न और भूमि हड़पने के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया जिसने अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक अन्य विधायक शंकर घोष को मंगलवार को संदेशखालि जाने की अनुमति दी थी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने न्यायमूर्ति कौशिक चंदा के सोमवार के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ के समक्ष अपील दायर की।

खंडपीठ में न्यायमूर्ति हिरणमय भट्टाचार्य भी शामिल थे जिसने भाजपा नेता को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उनके लिए तैनात किए गए सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर कोई भी समर्थक या पार्टी से जुड़ा व्यक्ति उनके साथ न जाए।

इससे पहले पुलिस ने यह कहते हुए अधिकारी को संकटग्रस्त क्षेत्र में जाने से रोक दिया था कि वहां निषेधाज्ञा लागू की गई है।

भाषा अभिषेक प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में