पश्चिम बंगाल चुनाव : पहले चरण में शुरुआती चार घंटे में 41 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज
पश्चिम बंगाल चुनाव : पहले चरण में शुरुआती चार घंटे में 41 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 23 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को तेजी से मतदान हुआ और पूर्वाह्न 11 बजे तक 41 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला। हालांकि, कुछ स्थानों से छिटपुट झड़प की घटनाएं भी सामने आयीं।
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों में हो रहे मतदान से 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 167 महिलाओं सहित 1,478 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। पहले दो घंटे में 3.60 करोड़ मतदाताओं में से 18.76 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और धीरे-धीरे मतदान में तेजी आयी। पूर्वाह्न 11 बजे तक 41.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम मेदिनीपुर में सबसे अधिक 44.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद झाड़ग्राम में 43.71 प्रतिशत, बांकुड़ा में 43.22 प्रतिशत और पूर्व मेदिनीपुर में 42.16 प्रतिशत मतदान हुआ।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मालदा (38.22 प्रतिशत), कूचबिहार (38.56 प्रतिशत) और अलीपुरद्वार में (38.80 प्रतिशत) अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे तक निर्वाचन आयोग को मतदान से जुड़ी करीब 260 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि ‘सीविजिल’ ऐप के माध्यम से 375 अन्य शिकायतें दर्ज की गईं।
मतदान प्रक्रिया अधिकांशतः शांतिपूर्ण रही। हालांकि, मुर्शिदाबाद, मालदा, नंदीग्राम और सिलीगुड़ी सहित कुछ स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण मामूली व्यवधान की खबरें आईं।
झाड़ग्राम से एक असामान्य घटना सामने आई, जहां एक हाथी मतदान केंद्र के पास आ गया, जिससे मतदाताओं में घबराहट फैल गई। बाद में स्थिति पर काबू पा लिया गया।
कुछ स्थानों पर छिटपुट झड़पों की भी खबरें मिलीं।
मुर्शिदाबाद के नौदा में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को खरीद लिया, जिसके कारण उन्हें कम सीटों पर चुनाव लड़ना पड़ रहा है।
कबीर ने सुबह मतदान के शुरुआती घंटों में अपना वोट डाला। इसके बाद जब वह मुर्शिदाबाद जिले की नौदा विधानसभा क्षेत्र के शिबनगर गांव स्थित एक मतदान केंद्र पहुंचे, तो तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने ‘‘वापस जाओ’’ के नारे लगाकर उनका विरोध किया।
जिले में मतदान की पूर्व संध्या पर हिंसा हुई थी, जहां एक मतदान केंद्र के पास कथित तौर पर देसी बम फेंके गए थे, जिसमें एक महिला घायल हो गई थी। तृणमूल सांसद अबू ताहेर खान ने इसके लिए कबीर के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि एजेयूपी ने इस आरोप से इनकार किया।
पूर्व मेदिनीपुर के मोयना में उस समय तनाव फैल गया, जब भाजपा समर्थकों ने कथित तौर पर तृणमूल उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे झड़पें हुईं और मतदाताओं में दहशत फैल गई। केंद्रीय बलों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में सुबह जल्दी मतदान करने के बाद दावा किया कि भाजपा इस चरण की 152 सीटों में से ‘‘कम से कम 125 सीटें’’ जीतेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘तृणमूल के संरक्षण प्राप्त अपराधी’’ मतदाताओं को धमका रहे हैं और उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर के पिंगला में एक पुलिस अधिकारी पर पक्षपातपूर्ण आचरण के आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तृणमूल ने पलटवार करते हुए नंदीग्राम में पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। राज्य के मंत्री शशि पांजा ने कहा कि पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर कुछ अधिकारियों को हटाने की मांग की है।
वरिष्ठ तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल ने अपनी बेटी के साथ बीरभूम में मतदान करने के बाद चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताया और मतदाताओं से शांतिपूर्वक मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “शांत रहें और बिना तनाव के वोट डालें।” साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी जिले की सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी।
मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल क्षेत्र में कई लोगों को मतदान से रोकने के आरोपों पर निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
पहले चरण में उत्तर बंगाल की सभी 54 विधानसभा सीटों के साथ-साथ दक्षिण बंगाल और जंगलमहल के कुछ हिस्सों में मतदान हो रहा है। इन क्षेत्रों को भाजपा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच प्रमुख चुनावी रणक्षेत्र माना जा रहा है।
मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा।
राज्य की बाकी की 142 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। मतगणना चार मई को होगी।
भाषा गोला वैभव
वैभव

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